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Saturday, 28 March, 2026
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दिल्ली में ‘कैब एग्रीगेटर’ को 2030 तक सारे वाहन इलेक्ट्रिक रखने का मसौदा जारी

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नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार की ‘वाहन एग्रीगेटर’ के लिये नीति मसौदे में कैब कंपनियों, खानपान आपूर्ति और ई-कॉमर्स से जुड़ी कंपनियों को अपने बेड़े में सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों को ही रखने का प्रावधान रखा गया है।

दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए ‘वाहन एग्रीगेटर’ मसौदा नीति में इसका जिक्र है। इसके मुताबिक, कैब कंपनियों, खानपान के सामान की आपूर्ति करने वाली और ई-कॉमर्स डिलिवरी से जुड़ी कंपनियों को एक अप्रैल, 2030 तक अपने वाहन बेड़े में सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही रखने अनिवार्य होंगे।

इसके साथ ही इस मसौदा नीति में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक वाहनों से इतर परंपरागत वाहनों की मौजूदगी पाए जाने पर हरेक वाहन पर 50,000 रुपये की दर से जुर्माना देना होगा।

दिल्ली सरकार ने इस मसौदा नीति पर तीन सप्ताह के भीतर सार्वजनिक राय मांगी है।

इसके अलावा इसमें ‘कैब एग्रीगेटर’ कंपनियों को यात्रियों के साथ गलत बर्ताव करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ कदम उठाने से जुड़े दिशानिर्देशों का भी उल्लेख है।

इसके मुताबिक, एक महीने के भीतर अगर किसी ड्राइवर के खिलाफ 15 प्रतिशत या उससे अधिक उपभोक्ता शिकायत करते हैं तो ‘एग्रीगेटर’ को उसके खिलाफ समुचित कदम उठाने होंगे। इसके अलावा साल भर में 3.5 से कम रेटिंग पाने वाले ड्राइवरों के लिए जरूरी प्रशिक्षण एवं भूलसुधार कदम उठाने का भी जिक्र किया गया है।

इसके साथ ही कैब एग्रीगेटर कंपनियों के बेड़े में शामिल होने वाले नए ऑटोरिक्शा में से 10 प्रतिशत का यह नीति लागू होने के पहले छह महीनों में इलेक्ट्रिक वाहन होना जरूरी होगा। चार साल बाद यह अनुपात शत-प्रतिशत हो जाने की भी बात इसमें कही गई है।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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