नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय नागरिक कार्रवाई संगठन ‘वारियर मॉम्स’ ने बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर आगामी बजट में गरीब परिवारों के लिए घरेलू गैस को सस्ता करने का प्रावधान लाने की मांग की है।
संगठन ने दावा किया कि पत्र को कांग्रेस सांसद शशि थरूर, तृणमूल कांग्रेस सासंद सौगत रॉय, द्रविण मुनेत्र कणगम (द्रमुक) सांसद डी रविकुमार, नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद फारूक अब्दुल्ला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) सांसद वंदना चह्वाण और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अंजना प्रकाश समेत लगभग 20 प्रमुख हस्तियों ने अपना समर्थन दिया है।
पत्र में लिखा है, ”साल 2016 में आई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत लगभग आठ करोड़ परिवारों को सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों का उपभोक्ता बनाया गया था। हालांकि, सब्सिडी की कमी के साथ-साथ समय पर भरे सिलेंडर मिलने में परेशानी के कारण लाखों परिवार एलपीजी अपनाने से कतराते हैं।”
संगठन ने पत्र में आगे कहा कि वंचित परिवार अभी भी लकड़ी और कंडे जैसे ईंधनों पर निर्भर हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही हैं।
पत्र में कहा गया, ”अभी औसतन 1,000 रुपये से ऊपर चल रहे सिलेंडर को खरीदने में असमर्थ वंचित परिवार ईंधन के लिए लकड़ी या कंडे जलाने पर निर्भर हैं, जिससे गर्भ में ही बच्चे की मौत होने, अस्थमा, ब्रोंक्राइटिस, शारीरिक विकास में बाधा, जीवन प्रत्याशा में कमी के साथ-साथ भ्रूण मौत दरों में बढ़ोतरी जैसी समस्याएं आ रही हैं। सभी वंचितों को घरेलू सिलेंडर और उन्हें भराने की सुविधा रिआयती दरों पर उपलब्ध कराना अनिवार्य है।”
संगठन ने केंद्र सरकार से देशभर में एलपीजी सिलेंडर आवंटन को और सरल बनाने के साथ-साथ सब्सिडी बढ़ाने का आग्रह किया है।
भाषा अनुराग पाण्डेय
पाण्डेय
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