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Saturday, 5 April, 2025
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मार्च तिमाही में नौ शहरों में सह-कार्यस्थलों की मांग 43 प्रतिशत घटी: सीबीआरई

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नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में देश के नौ प्रमुख शहरों में सह-कार्यस्थल मुहैया कराने वाली फर्मों की तरफ से पट्टा देने में सालाना आधार पर 43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। रियल एस्टेट सलाहकार फर्म सीबीआरई ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।

सह-कार्यस्थल मुहैया कराने वाली कंपनियां अपने केंद्र स्थापित करने के लिए संपत्ति मालिकों से किराये पर कार्यालय लेती हैं और फिर मुख्य रूप से कॉरपोरेट ग्राहकों को पट्टे पर देती हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2025 तिमाही में देश के नौ प्रमुख बाजारों में 21.6 लाख वर्ग फुट कार्यस्थल को पट्टे पर दिया गया। पिछले वर्ष की समान अवधि में सह-कार्यस्थल फर्मों ने 37.6 लाख वर्ग फुट क्षेत्र को किराये पर दिया था।

आंकड़ों के मुताबिक, कुल कार्यस्थल पट्टा लेनदेन में सह-कार्यस्थल सेवा प्रदाताओं की हिस्सेदारी घटकर इस मार्च तिमाही में 12 प्रतिशत रह गई जो पिछले साल की समान अवधि में 22 प्रतिशत थी। कोविड महामारी के बाद लचीले प्रबंधित कार्यस्थलों की मांग बढ़ने के बावजूद यह गिरावट दर्ज की गई है।

हालांकि, जनवरी-मार्च 2025 में नौ शहरों में कार्यालय स्थान का कुल सकल पट्टा पांच प्रतिशत बढ़कर 180 लाख वर्ग फुट हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 171 लाख वर्ग फुट था।

सीबीआरई इंडिया के प्रबंध निदेशक (परामर्श एवं लेनदेन सेवाएं) राम चंदनानी ने कहा कि भारत वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है और 2025 में कुल कार्यालय स्थल मांग में जीसीसी का योगदान लगभग 35-40 प्रतिशत होने की उम्मीद है।

चंदनानी ने कहा कि प्रौद्योगिकी और बैंकिंग एवं वित्त सेवा क्षेत्र इस मांग को आगे भी बढ़ाने का काम करेंगे।

भाषा प्रेम

प्रेम

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यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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