नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) वितरण कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि. (टाटा पावर डीडीएल) ने बुधवार को कहा कि वह अपने क्षेत्र में निर्बाध और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाये गये हैं। कंपनी ने देश में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली मांग में वृद्धि के बीच यह बात कही।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही देश में मार्च महीने में बिजली की खपत सालाना आधार पर सात प्रतिशत बढ़कर 148.48 अरब यूनिट पर पहुंच गई। पिछले साल मार्च में बिजली की खपत 138.95 अरब यूनिट रही थी।
टाटा पावर डीडीएल ने बयान में कहा, ‘‘कंपनी अपने बिजली वितरण क्षेत्र उत्तरी दिल्ली में निर्बाध और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। कंपनी का वितरण नेटवर्क को 2025 की गर्मियों में 2,562 मेगावॉट की अनुमानित अधिकतम मांग को पूरा करने के हिसाब से न केवल तैयार किया गया है, बल्कि इसमें लगातार सुधार भी किया जा रहा है।’’
साथ ही किसी भी समय मांग में अचानक वृद्धि को पूरा करने के लिए दीर्घकालीन बिजली खरीद समझौते पहले से ही किये जा चुके हैं। इसके तहत 2,850 मेगावाट तक बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की गयी है।
बयान के अनुसार, इस साल अत्यधिक गर्मी पड़ने के अनुमान को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में अधिकतम मांग 9,000 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। पिछले साल टाटा पावर-डीडीएल के परिचालन क्षेत्र में बिजली की अधिकतम मांग 2,481 मेगावॉट दर्ज की गई थी।
मौसम विभाग का कहना है कि भारत में अप्रैल से जून के दौरान सामान्य से अधिक तापमान रहने और मध्य, पूर्वी भारत एवं उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में लू के दिनों की संख्या बढ़ने का अनुमान है।
बयान में कहा गया है कि टाटा पावर-डीडीएल अपने नेटवर्क को बेहतर बनाने और उसका विस्तार करने का काम करती रही है, ताकि जनसंख्या वृद्धि और जीवनशैली में बदलाव के कारण एयर कंडीशनर जैसे उपकरणों के उपयोग के कारण बिजली की बढ़ती खपत के चलते निरंतर बढ़ती मांग को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
हालांकि, कंपनी ने कहा कि आमतौर पर टाटा पावर-डीडीएल मरम्मत और नेटवर्क सुधार कार्य अक्टूबर से मार्च तक कर लेती है, लेकिन इस वर्ष नवम्बर और दिसंबर, 2024 में ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) की पाबंदियों की कारण मरम्मत/ नेटवर्क सुधार के कार्य मार्च, 2025 के महीने में काफी बढ़ गये थे।
टाटा पावर डीडीएल के अनुसार, किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए मोबाइल डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफार्मर तैनात किए गए हैं। सब-ट्रांसमिशन सिस्टम की आपूर्ति बहाली और ब्रेकडाउन से निपटने के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाली अलग टीमें भी बनाई गई हैं।
भाषा
रमण अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.