नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के सदस्य केंद्र सरकार की नीतिगत रूपरेखा के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएंगे।
एक संयुक्त बयान में, सीटीयू और एसकेएम ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां ‘‘अधिक प्रतिशोधी और दमनकारी होती जा रही हैं।’’
इसमें कहा गया है कि सीटीयू और एसकेएम के अपने-अपने मांगपत्र और साझा मुद्दों पर एक महीने से अधिक समय तक व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है, जिसका समापन 26 नवंबर, 2025 को सभी जिलों और राज्य मुख्यालयों में श्रमिकों और किसानों की व्यापक विकेन्द्रीकृत लामबंदी के रूप में होगा।
बयान में कहा गया, ‘‘18 अक्टूबर, 2025 को एक संयुक्त बैठक में इस बात पर गौर किया गया कि धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता के बीच अभियान चलाना तथा केंद्र सरकार की कॉरपोरेट समर्थक, मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी दमनकारी नीतिगत ढांचे से लड़ना सबसे जरूरी काम है।’’
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
