नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस ने बुधवार को कहा कि वह अपने क्षेत्र में निर्बाध और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाये गये हैं। कंपनी ने देश में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली मांग में वृद्धि के बीच यह बात कही।
स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में बिजली की मांग पहली बार 9,000 मेगावाट तक पहुंच सकती है जो 2024 में 8,656 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर तक गई थी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही देश में मार्च महीने में बिजली की खपत सालाना आधार पर सात प्रतिशत बढ़कर 148.48 अरब यूनिट पर पहुंच गई। पिछले साल मार्च में बिजली की खपत 138.95 अरब यूनिट रही थी।
बीएसईएस ने बयान में कहा कि 50 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते (पीपीए) के अलावा वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाने जैसे कदम उठाये गये हैं।
इसके साथ, 2,000 मेगावाट तक की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बीएसईएस की मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली में ग्राहकों को बिजली आपूर्ति करती है।
बयान के अनुसार, दक्षिण और पश्चिमी दिल्ली के बीआरपीएल क्षेत्र में बिजली की अधिकतम मांग 2025 की गर्मियों के दौरान लगभग 4,050 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2024 में 3,809 मेगावाट थी। दूसरी ओर, पूर्वी और मध्य दिल्ली के बीवाईपीएल क्षेत्र में, बिजली की अधिकतम मांग इस साल लगभग 1,900 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है जो 2024 की गर्मियों के दौरान 1,882 मेगावाट थी।
कंपनी ने कहा कि बिजली आपूर्ति के मुद्दों के बारे में सोशल मीडिया पर प्रसारित आरोप गलत और भ्रामक हैं। बीएसईएस डिस्कॉम ने अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत सभी क्षेत्रों में विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की है।
भाषा रमण अनुराग
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