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Wednesday, 4 March, 2026
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय एफडीआई नियमों को उदार बनाने पर कर रहा विचारः अधिकारी

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नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय 100 दिनों का एक सुधार एजेंडा तैयार कर रहा है जिसमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों को और उदार बनाने, पड़ोसी देशों से निवेश को सुगम बनाने और स्टार्टअप के लिए कर संबंधी अतिरिक्त रियायतें देने जैसे प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने कहा कि सुधार के प्रस्तावों में चमड़ा एवं फुटवियर उद्योग के लिए कुछ पर्यावरणीय मानकों में ढील, ई-कॉमर्स केंद्रों के जरिये निर्यात बढ़ाने के उदार नियम और विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्रयोगशाला परीक्षण एवं प्रमाणन शर्तों का एकीकरण भी शामिल हो सकता है।

सरकार भारत को तेजी से विकसित राष्ट्र बनाने के लिए किए जाने वाले सुधारों के अगले 100-दिवसीय एजेंडे पर काम कर रही है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ‘लोकमत ग्लोबल इकॉनॉमिक कन्वेंशन’ में कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को दिए गए आह्वान का अगले 100 दिनों में पालन करेगी और भारत को विकासशील से विकसित राष्ट्र के मार्ग पर तेजी से लेकर जाएगी।

सरकार के इन सुधार प्रस्तावों से निर्यात और एफडीआई दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में देश का निर्यात 3.07 प्रतिशत बढ़कर 149.2 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि आयात 5.36 प्रतिशत बढ़कर 244.01 अरब डॉलर रहा। इस अवधि में व्यापार घाटा 94.81 अरब डॉलर रहा।

वित्त वर्ष 2024-25 में एफडीआई प्रवाह 13 प्रतिशत बढ़कर 50 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।

जुलाई 2024 में पेश की गई आर्थिक समीक्षा में चीन से एफडीआई आकर्षित करने की अनुशंसा की गई थी ताकि घरेलू विनिर्माण को गति मिले और निर्यात बाजार का लाभ उठाया जा सके।

फिलहाल भारत में अधिकांश एफडीआई स्वचालित मार्ग से आता है लेकिन भारत से जमीनी सीमा लगने वाले देशों- चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान से निवेश के लिए सरकार की मंजूरी लेनी जरूरी होती है।

सरकार स्टार्टअप परिवेश को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठा रही है और आयकर लाभ सहित कई प्रोत्साहन इन उद्यमियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

वाणिज्य मंत्रालय की इकाई डीजीएफटी ई-कॉमर्स माध्यम से निर्यात बढ़ाने के उपायों पर काम कर रही है क्योंकि इस क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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