नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) देश की चौथी सबसे बड़ी कॉफी निर्यातक कंपनी, अल्लाना कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड को अस्थिर वैश्विक बाज़ारों के कारण चालू वित्तवर्ष में निर्यात घटकर 22,000-25,000 टन रह जाने का अनुमान है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह कहा।
कंपनी ने वित्तवर्ष 2024-25 में 26,300 टन कॉफी का निर्यात किया था।
अल्लाना के कॉफी प्रभाग के एसोसिएट निदेशक सी पी बोपन्ना ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘हमने अगस्त के अंत तक लगभग 11,000 टन ग्रीन कॉफी का निर्यात किया है। हमें उम्मीद है कि शेष वर्ष में यह 11,000 से 15,000 टन के बीच रहेगा।’’
बोपन्ना ने कहा कि बाजार में अस्थिरता के कारण विकास की योजना बनाना मुश्किल हो गया है, इसलिए अल्लाना ने पिछले दो वर्षों में निर्यात मात्रा में कटौती की है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 1-1.5 वर्षों में, हमने ऐसी अस्थिरता देखी है जो पिछले 40 वर्षों में नहीं देखी गई। यह अनुमान लगाना कि मैं 5 या 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से वृद्धि हासिल करूंगा, बहुत मुश्किल है।’’
बोपन्ना ने कहा कि कंपनी अनिश्चित बाजारों में कॉफी खरीद और व्यापार करते हुए, राजस्व वृद्धि की तुलना में मुनाफा मार्जिन को प्राथमिकता दे रही है।
पिछले पांच वर्षों में कंपनी का निर्यात 25,000 से 29,600 टन के बीच रहा है।
अल्लाना पश्चिम एशिया, उत्तरी अफ्रीका, रूस, यूरोप, दक्षिण कोरिया और दक्षिण पूर्व एशिया को निर्यात करती है।
बोपन्ना ने कहा कि अमेरिका को निर्यात, जो पहले से ही उच्च माल ढुलाई लागत के कारण नगण्य है, शुल्क के कारण और भी कम हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी खरीदारों के लिए दुनिया के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक, ब्राजील से कॉफ़ी खरीदना ज्यादा समझदारी भरा कदम होगा।
भाषा राजेश राजेश रमण
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