नयी दिल्ली, 16 नवंबर (भाषा) मीडिया स्वामित्व का केंद्रीयकरण लोकतंत्र और दूरसंचार के लिए खतरा बन सकता है और प्रसारण नियामक ट्राई इससे संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए सिफारिशों पर काम कर रहा है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन पी डी वाघेला ने उद्योग मंडल सीआईआई के कार्यक्रम ‘बिग पिक्चर समिट’ में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि नियामक निकाय के विशेषज्ञ ‘ओवर-द-टॉप’ सेवाओं से संबंधित मुद्दों का अध्ययन कर रहे हैं और इस संबंध में सुरक्षात्मक मसौदा तैयार किया जाएगा।
वाघेला ने कहा, ”मीडिया स्वामित्व के केंद्रीयकरण से कई समस्याओं की पहचान हुई है। इसमें कोई शक नहीं कि सबसे महत्वपूर्ण खतरा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के लिए है। हम मीडिया स्वामित्व से जुड़े मुद्दों पर सिफारिशें तैयार कर रहे हैं।”
ट्राई ने डिजिटल प्रौद्योगिकी के आने के साथ क्षेत्र में हो रहे भारी बदलाव के मद्देनजर अप्रैल 2022 में अंतर-मीडिया स्वामित्व और नियंत्रण, प्रणाली और संबंधित मुद्दों की निगरानी की जरूरत पर एक परामर्श पत्र जारी किया।
नियामक ने 2014 में मीडिया स्वामित्व पर सिफारिशें जारी की थीं, लेकिन सरकार ने अभी तक इन्हें स्वीकार नहीं किया है।
ट्राई ने 2014 में राजनीतिक दलों को प्रसारण क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकने का सुझाव दिया था, जबकि इस संबंध में कॉरपोरेट घरानों पर कई प्रतिबंधों की सिफारिश की थी।
भाषा
पाण्डेय रमण
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