नयी दिल्ली, एक मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र से धनशोधन रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत अपीलीय प्राधिकरण के चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति के लिए आठ सप्ताह में कदम उठाने को कहा है।
अदालत ने कहा कि पीएमएलए के तहत बड़ी संख्या में लंबित मामलों को देखते हुए प्राधिकरण की कई पीठों के गठन की सख्त जरूरत है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने अपने एक हालिया आदेश में कहा, ‘‘केंद्र सरकार को अपीलीय प्राधिकरण के चेयरपर्सन और अन्य सदस्यों की आठ सप्ताह में नियुक्ति के लिए तेजी से कदम उठाने की जरूरत है।’’
आदेश के मुताबिक, ‘‘इस अदालत का मानना है कि अपीलीय प्राधिकरण पीएमएलए के तहत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।’’
अदालत ने यह आदेश एक कंपनी की याचिका पर दिया है। इस कंपनी ने पीएमएलए के तहत अपीलीय न्यायाधिकरण के 2023 के एक आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश के तहत न्यायाधिकरण ने मामले को दो सदस्यीय पीठ को स्थानांतरित करने की कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी।
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