नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को कहा कि वह ‘को-लोकेशन’ मामले में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक चित्रा रामकृष्ण और रवि नारायण के खिलाफ सेबी के पैसा वापस करने के निर्देश को खारिज करने के प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश पर गौर कर रही है।
प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य के 30 अप्रैल, 2019 को जारी आदेश को खारिज कर दिया। आदेश में रवि नारायण को 2010-11 से 2012-13 के दौरान वेतन के रूप में ली गयी कुल राशि का 25 प्रतिशत भुगतान करने और उसे निवेशक संरक्षण और शिक्षा कोष (आईपीईएफ) में जमा करने को कहा गया था।
चित्रा रामकृष्ण को वित्त वर्ष 2013-14 में वेतन का 25 प्रतिशत हिस्सा देने को कहा गया था।
नारायण और चित्रा रामकृष्ण की अपील को स्वीकार करते हुए सैट ने किसी भी सूचीबद्ध कंपनी या बाजार बुनियादी ढांचा संस्थान के साथ पांच साल की अवधि के लिए जुड़ने से प्रतिबंधित करने वाले निर्देश को भी खारिज कर दिया है। यह पाबंदी अब उतने ही समय तक होगी, जो लागू हो चुका है।
अधिकारियों ने कहा कि नियामकीय संस्थान का रुख अलग होता है जबकि सीबीआई जैसी जांच एजेंसी का विचार प्राय: अलग होता है।
भाषा
रमण अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
