नयी दिल्ली, 21 नवंबर (भाषा) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा एमएसएमई क्षेत्र के लिए कारोबारी सुगमता बढ़ाने हेतु किए गए सुधारों की समीक्षा शुरू की है।
यह लेखा-परीक्षा पूरे देश में सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल करेगी। इसका मकसद यह पता लगाना है कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए कारोबारी माहौल सुधारने के सुधारों को राज्यों ने कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया है।
रेलवे के अतिरिक्त उप महालेखा परीक्षक प्रवीर पांडेय ने कहा, ”इस लेखा परीक्षा में यह पता लगाया जाएगा कि क्या एमएसएमई को सार्वजनिक संस्थानों से कुशल, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं मिल रही हैं। यह विनियमों को सरल बनाने, प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने तथा कारोबार को प्रभावित करने वाली छोटी गलतियों को फौजदारी मामला न मानने में हुई प्रगति का भी मूल्यांकन करेगा।”
उन्होंने कहा कि यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ तथा उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा संचालित व्यवसाय सुधार कार्य योजना – 2024 जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से पूरी तरह जुड़ी हुई है।
भाषा पाण्डेय रमण
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