नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) जी सी मुर्मू ने शुक्रवार को एमबीए स्नातकों से ईमानदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ये गुण किसी भी उद्यम या पेश की आधारशिला हैं।
कैग ने आईआईएम रोहतक के एमबीए छात्रों को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि भविष्य में प्रबंधन के छात्र कहां काम करते हैं, और उन्हें देश की जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए और सोचना चाहिए कि उनका काम, नवोन्मेष और योगदान अपने देशवासियों की मदद कैसे कर सकता है।
उन्होंने ऑडिट को जवाबदेही का एक अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि प्रत्येक संगठन में आंतरिक और बाहरी ऑडिट के माध्यम से जांच की एक प्रणाली होती है।
मुर्मू ने कहा, ‘‘किसी भी संगठन में हितधारकों, शेयरधारकों, निवेशकों और जनता के प्रति जवाबदेही होती है। निष्पक्षता, अखंडता, जवाबदेही और पारदर्शिता किसी भी उद्यम या पेशे की आधारशिला है।’’
कैग ने आगे कहा कि सतत विकास और पर्यावरणीय चुनौतियों के लिए एक वैश्विक चिंता है, जिसके लिए सभी से संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता की अपेक्षा की जाती है।
आईआईएम रोहतक की शुरुआत 2009 में हुई थी और अब यहां विभिन्न अवधि के पाठ्यक्रमों में लगभग 1,600 छात्र पढ़ते हैं।
भाषा पाण्डेय रमण
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