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Monday, 2 February, 2026
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बजट में बुनियादी ढांचे और एमएसएमई पर जोर से इस्पात की मांग को मिलेगा समर्थन: उद्योग

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नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) इस्पात उद्योग के दिग्गजों ने सोमवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पूंजीगत व्यय में वृद्धि, औद्योगिक संकुलों के लिए प्रावधान और एमएसएमई पर ध्यान केंद्रित करने से आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने और इस्पात की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करते हुए बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई क्षेत्र के लिए कई उपायों की घोषणा की।

इंडियन स्टील एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन जिंदल ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पूंजीगत व्यय में 22.2 प्रतिशत की प्रभावी वृद्धि, माल ढुलाई गलियारा और अंतर्देशीय जलमार्गों पर ध्यान देने तथा 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर विनिर्माण योजना से अवसंरचनात्मक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और इस्पात की मांग बढ़ेगी।

एएमएनएस इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दिलीप ओम्मेन ने कहा कि परियोजना वित्तपोषण को मजबूत करने, औद्योगिक संकुलों को पुनर्जीवित करने और मझोले (टियर-दो) व छोटे (टियर-तीन) शहरों में बुनियादी ढांचे के विस्तार से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

इंडियन स्टेनलेस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईएसएसडीए) के अध्यक्ष राजमणि कृष्णमूर्ति ने कहा कि एमएसएमई को दिया गया समर्थन एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि भारत की स्टेनलेस स्टील क्षमता का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र में है। इन उपायों से छोटी इकाइयां अपनी तकनीक को उन्नत कर सकेंगी और घटिया आयात का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर पाएंगी।

जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल के अनुसार, एमएसएमई विनिर्माण की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि ‘एसएमई ग्रोथ फंड’ और ‘आत्मनिर्भर भारत कोष’ जैसे प्रयास पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेंगे।

आरएचआई मैग्नेसिटा इंडिया के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक (सीएमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रमोद सागर ने कहा कि 12.2 लाख करोड़ रुपये के बढ़े हुए पूंजीगत व्यय के साथ बुनियादी ढांचा आधारित विकास की निरंतर गति एक स्वागत योग्य कदम है।

बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक हर्ष बंसल ने कहा कि सीसीयूएस से इस्पात कंपनियों को कार्बन उत्सर्जन कम करने और भारत के 2070 तक शुद्ध शून्य कॉर्बन उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

भाषा सुमित अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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