नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बजट की तैयारियों के सिलसिले में विचार-विमर्श किया।
उद्योग वर्तमान में कृत्रिम मेधा (एआई) संबंधी व्यवधानों, वैश्विक अनिश्चितताओं और अपने सबसे बड़े बाजार, अमेरिका में एच-1बी वीजा की बढ़ी हुई लागत का सामना कर रहा है।
बैठक के बाद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। हालांकि, यह बताया जा रहा है कि चर्चा भारत में कंप्यूटिंग क्षमताओं के निर्माण से लेकर एआई से जुड़े व्यवधानों और अवसरों को देखते हुए कौशल विकास उपायों को बढ़ाने तक के मुद्दों पर हुई।
बैठक में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, आर्थिक मामलों के विभाग और आईटी मंत्रालय के सचिव, मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन और वित्त मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री सीतारमण ने आज (बुधवार) नयी दिल्ली में आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के संबंध में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों के साथ बजट से पहले परामर्श बैठक की अध्यक्षता की।’’
बैठक में गूगल इंडिया की उपाध्यक्ष और क्षेत्रीय प्रबंधक प्रीति लोबाना, कॉग्निजेंट इंडिया के अध्यक्ष (परिचालन), चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, राजेश वारियर, उद्योग संगठन नैसकॉम की चेयरपर्सन और सैप लैब्स इंडिया की प्रबंध निदेशक सिंधु गंगाधरन समेत अन्य शामिल हुए।
इससे पहले, वित्त मंत्री ने मंगलवार को स्टार्टअप के संस्थापकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इसी तरह के परामर्श बैठक की थी।
भाषा रमण अजय
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