मुंबई, नौ फरवरी (भाषा) चालू वित्त वर्ष में बासमती चावल की बिक्री 30 प्रतिशत बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है, जिसका मुख्य कारण उच्च मूल्य प्राप्ति और अच्छी मांग का होना है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
साख निर्धारक एजेंसी, क्रिसिल रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि हालांकि अगले वित्त वर्ष में बिक्री में 5-7 फीसदी की गिरावट आएगी, क्योंकि धान के रकबे में अनुमानित वृद्धि के साथ बासमती चावल की बिक्री में नरमी आने की उम्मीद है।
इसमें कहा गया है कि बासमती की मात्रा के लिहाज से मांग 68 लाख टन पर स्थिर रहने की उम्मीद है।
क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक नितिन कंसल ने कहा, ‘‘चालू वित्त वर्ष में बासमती की बिक्री 30 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है, जहां मात्रा में 10 प्रतिशत और मूल्य प्राप्ति में 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘निर्यात की मात्रा में वृद्धि दो कारकों से हो सकती है। पहला भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बीच खाद्यान्न की मांग में वृद्धि तथा दूसरा भारत को बाढ़ प्रभावित एक प्रमुख बासमती निर्यातक देश, पाकिस्तान से बासमती का निर्यात कम रहने से होने वाला फायदा है। अगले वित्तवर्ष में, कीमतों में नरमी रहने की संभावना के कारण बासमती की बिक्री 5-7 प्रतिशत कम हो जाएगी।
भाषा राजेश राजेश अजय
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