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Saturday, 17 January, 2026
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सड़क हादसों में मौतों को कम करने के लिए वाहन उद्योग को सुरक्षा खूबियां बढ़ाने की जरूरत: गडकरी

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ग्रेटर नोएडा, 12 जनवरी (भाषा) भारत अगले पांच साल में दुनिया का वाहन विनिर्माण केंद्र बन सकता है, लेकिन इसके लिए वाहन कंपनियों को सड़क हादसों में मृत्यु दर कम करने के लिए सुरक्षा संबंधी खूबियां (फीचर) बढ़ाने की जरूरत है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।

यहां वाहन प्रदर्शनी-2023 में अपने संबोधन में गडकरी ने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य 2024 के अंत तक सड़क हादसों में 50 प्रतिशत तक कमी लाने का है। उन्होंने वाहन उद्योग से सड़क सुरक्षा के मामले में स्वत: कार्रवाई करने के लिए कहा क्योंकि ‘सरकार इसे अनिवार्य नहीं करना चाहती’ है।

भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने भी गडकरी की बात का समर्थन करते हुए इस तथ्य पर दुख जताया कि भारत में पूरी दुनिया के सिर्फ एक प्रतिशत वाहन हैं जबकि पूरी दुनिया में सड़क दुर्घटना में मौतों के मामले भारत में 11 प्रतिशत हैं।

गडकरी ने कहा, ‘‘जहां तक विनिर्माण की बात है, तो हम भारतीय वाहन उद्योग को दुनिया में सबसे ऊपर ले जाना चाहते हैं लेकिन जब सड़क हादसों की बात आती है, तो हमारा लक्ष्य 2024 के अंत तक इनमें 50 प्रतिशत कमी लाने का है।’’

उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में 18-34 वर्ष आयुवर्ग के युवा लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सड़क ढांचे में सुधार के साथ वाहनों की रफ्तार भी बढ़ गई है।

गडकरी ने कहा, ‘‘मैं आप लोगों को फिर से शुभकामनाएं देता हूं कि पांच साल के अंदर भारतीय वाहन उद्योग दुनिया में सबसे बड़ा विनिर्माण केंद्र बन जाएगा और आप में यह क्षमता है। यह मुश्किल है लेकिन पूरी तरह असंभव नहीं है।’’

मंत्री ने उद्योग के कबाड़ (स्क्रैप) क्षेत्र में भी मंत्रालय के सहयोग की उम्मीद जताई।

उन्होंने कबाड़ नीति के कारण बिक्री में 24 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाते हुए कहा, ‘‘कबाड़ के मामले में वाहन कंपनियों के लिए कच्चे माल की लागत में 33 प्रतिशत की कमी के साथ बिक्री में 10-12 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। जो लोग अपने वाहन को कबाड़ बनाने वाले हैं, वे निश्चित रूप से नया वाहन खरीदेंगे।’’

उन्होंने कंपनियों को सलाह दी कि उन्हें कबाड़ प्रमाणपत्र दिखाने वाले ग्राहकों को नए वाहनों की खरीद पर छूट देनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, ‘‘हम भी इसमें वित्त मंत्रालय से कुछ छूट लेने की कोशिश कर रहे हैं.. लेकिन अगर आप कुछ छूट दे सकते हैं तो इससे आपको लाभ होगा क्योंकि आपका कारोबार और मुनाफा बढ़ेगा।’’

भाषा

अनुराग अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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