नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) वैश्विक चुनौतियों के बीच कुछ महीनों तक गिरावट रहने के बाद नवंबर में देश का परिधान निर्यात 11.7 प्रतिशत बढ़कर 1.2 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
परिधान निर्यात प्रोत्साहन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन नरेन गोयनका ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन एवं यूरोपीय संघ में मंदी की आशंका तेज होने से पिछले कुछ महीनों में भारत से रेडीमेड कपड़ों के निर्यात पर प्रतिकूल असर देखने को मिला था। इसके अलावा कच्चे माल एवं ढुलाई की लागत बढ़ने से भी निर्यातकों पर बोझ बढ़ गया था।
हालांकि नवंबर के महीने में परिधान निर्यात की स्थिति में सुधार देखा गया है। गोयनका ने एक बयान में कहा, ‘कुछ महीनों की गिरावट के बाद नवंबर में रेडीमेड कपड़ों के निर्यात ने मौजूदा चुनौतियों के बीच अपनी मजबूती दिखाते हुए फिर से सकारात्मक वृद्धि हासिल की है।’
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में 10 अरब डॉलर से अधिक का परिधान निर्यात किया जा चुका है जबकि समूचे वित्त वर्ष लिए 17.6 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य रखा गया है।
इस बीच एईपीसी ने परिधान निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार के समक्ष कुछ मुद्दे उठाए हैं। इसमें परिधान क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना का जल्द ऐलान, संशोधित प्रौद्योगिकी उन्नयन कोष योजना का विस्तार करने और केंद्रीय एवं राज्य शुल्कों एवं करों पर छूट का भुगतान बैंकों के जरिये किए जाने का मुद्दा भी शामिल है।
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