नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) चीन में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने से देश में टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं (कंज्यूमर ड्यूरेबल) के विनिर्माताओं को आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान से चिंता सताने लगी है और उन्होंने संकट से बचने के लिए कच्चे माल का भंडारण शुरू कर दिया है।
चीन में कोविड संकट गहराने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला फिर से बाधित हो गई है। विशेषज्ञों ने कहा कि जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू होने वाले चीनी नव वर्ष की छुट्टियों के साथ अगर वहां के कारखानों में फरवरी में पूरी तरह उत्पादन शुरू नहीं हो पाया तो भारतीय उद्योग को एक बार फिर आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं के विनिर्माता आमतौर पर एक महीने के लिए कच्चे माल का भंडार रखते हैं, लेकिन अब वे इसे कम से कम दो-तीन महीने की जरूरत के हिसाब से बढ़ा रहे हैं।
आपूर्ति श्रृंखला में कोई भी संभावित व्यवधान एयर कंडीशनर और एलईडी टीवी पैनल जैसी उत्पादन श्रेणियों को प्रभावित कर सकता है। अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज के वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अतुल लाल ने कहा कि वह चीन के हालात पर निगाह बनाए हुए है।
गोदरेज अप्लायंसेज के व्यवसाय प्रमुख और कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उपकरण उद्योग ने घटकों की आपूर्ति के लिए चीन पर अपनी निर्भरता कम कर दी है। फिर भी एयर कंडीशनर जैसी कुछ श्रेणियों में चीन पर निर्भरता बहुत अधिक है। एयर-कंडीशनर के करीब 40 से 45 प्रतिशत घटक (मूल्य के हिसाब से) चीन से आते हैं। कंप्रेशर्स इसमें एक बड़ा हिस्सा हैं।
नंदी ने कहा कि अगर चीनी नववर्ष की छुट्टियों के बाद वहां कोविड महामारी की स्थिति और बिगड़ती है, तो यह चिंता का विषय होगा। चीनी नववर्ष की शुरुआत 20 जनवरी से होगी और करीब दो सप्ताह तक छुट्टियां रहने के बाद फरवरी के पहले सप्ताह में कारखाने दोबारा शुरू होंगे।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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