नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एबीजी शिपयार्ड के पूर्व चेयरमैन ऋषि अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला पंजाब नेशनल बैंक के नेतृत्व वाले गठजोड़ से 1,688 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से संबंधित है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एजेंसी ने वडराज सीमेंट कंपनी, अग्रवाल और दो अन्य पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार के आरोप में मामला दर्ज किया है। इससे कथित तौर पर बैंक के गठजोड़ को 1,688.41 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी ने मुंबई और जयपुर सहित तीन स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज और लेख बरामद हुए।
उन्होंने कहा, ‘‘यह आरोप लगाया गया था कि कर्ज लेने वाली कंपनी ने विभिन्न प्रकार के सीमेंट बनाने के लिए पंजाब नेशनल बैंक और गठजोड़ में शामिल बैंकों से सूरत के मोरा गांव और कच्छ जिले (गुजरात) के ठुमडी गांव में सीमेंट संयंत्र स्थापित करने के लिए संपर्क किया।’’
उन्होंने बताया कि बैंकों ने 20 मार्च, 2018 को ऋण खाते को गैर-निष्पादित आस्ति (एनपीए) घोषित किया था, जिसके बाद पिपारा एंड कंपनी ने एक फॉरेंसिक ऑडिट किया।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आरोपी शुरुआत से ही बैंक को धोखा देने का इरादा रखते था। आरोपियों ने बैंक को भरोसा दिलाया कि परियोजना वास्तविक है और इसलिए जरूरत (ऋण की) वाजिब है।’’
बैंक ने अपनी शिकायत में कहा, ‘‘बही की कई प्रविष्टियां सिर्फ कागजों में दर्ज थीं और दिखावटी लेनदेन के जरिये शिकायतकर्ता (पीएनबी) को यह भरोसा दिलाया गया कि उधारकर्ता इतना बड़ा कर्ज लेने के हकदार हैं।’’
अग्रवाल पर इससे पहले एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा 22,842 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में प्राथमिकी दर्ज है।
भाषा पाण्डेय अजय
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