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Saturday, 5 April, 2025
होमदेशअर्थजगतअमूल ब्रांड का बीते वित्त वर्ष का राजस्व 12 प्रतिशत बढ़कर 90,000 करोड़ रुपये पर

अमूल ब्रांड का बीते वित्त वर्ष का राजस्व 12 प्रतिशत बढ़कर 90,000 करोड़ रुपये पर

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नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) ‘अमूल’ ब्रांड के तहत डेयरी उत्पादों की बिक्री करने वाली- गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ लिमिटेड (जीसीएमएमएफ) ने पिछले वित्त वर्ष में अपने कारोबार में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। मुख्य रूप से सभी श्रेणियों में मात्रा में वृद्धि के कारण कंपनी का कारोबार बढ़कर 65,911 करोड़ रुपये हो गया है। अमूल के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता ने यह जानकारी दी।

जीसीएमएमएफ का कारोबार 2023-24 में आठ प्रतिशत बढ़कर 59,259 करोड़ रुपये रहा था।

मेहता ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान हमारा राजस्व 11 प्रतिशत बढ़कर 65,911 करोड़ रुपये हो गया। हमने सभी उत्पाद श्रेणियों में दोहरे अंक में वृद्धि हासिल की है।’’

कुल मिलाकर अमूल ब्रांड का राजस्व 2023-24 के 80,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 12 प्रतिशत बढ़कर 90,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

जीसीएमएमएफ दुनिया की सबसे बड़ी किसान-स्वामित्व वाली डेयरी सहकारी संस्था है, जिसके गुजरात के 18,600 गांवों में 36 लाख किसान शामिल हैं और इसके 18 सदस्य संघ प्रतिदिन 300 लाख लीटर दूध खरीदते हैं।

ये 18 सदस्य संघ जीसीएमएमएफ नेटवर्क का उपयोग किए बिना सीधे अपने स्थानीय बाजारों में अमूल डेयरी उत्पाद बेचते हैं।

जीसीएमएमएफ के बारे में बताते हुए मेहता ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 की पिछली दो तिमाहियों में अच्छी वृद्धि हुई है।

मेहता ने कहा, ‘‘जीसीएमएमएफ के कारोबार में वृद्धि काफी हद तक मात्रा में हुई वृद्धि से प्रेरित थी। हमने कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की।’’

उन्होंने कहा कि पिछले साल जून में ही उत्पादन की लागत में वृद्धि के कारण दूध की कीमतें बढ़ाई गई थीं। इस साल जनवरी में, जीसीएमएमएफ ने उपभोक्ताओं को बड़े पैक खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पूरे भारत में एक लीटर पैक की कीमतों में एक रुपये प्रति लीटर की कमी की थी।

जीसीएमएमएफ के प्रबंध निदेशक को उम्मीद है कि मजबूत उपभोक्ता मांग के कारण चालू वित्त वर्ष में विकास की गति बरकरार रहेगी।

मेहता ने कहा कि कंपनी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए क्षमता का विस्तार करना जारी रखेगी।

इंटरनेशनल फार्म कंपेरिजन नेटवर्क (आईएफसीएन) के अनुसार, दूध प्रसंस्करण के मामले में यह दुनिया की शीर्ष 20 डेयरी कंपनियों में 8वें स्थान पर है।

घरेलू बाजार के अलावा, जीसीएमएमएफ लगभग 50 देशों को डेयरी उत्पादों का निर्यात कर रही है।

पिछले साल, जीसीएमएमएफ ने भारतीय प्रवासियों और एशियाई आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए ताजा दूध के चार संस्करण पेश करके अमेरिकी बाजार में प्रवेश किया था।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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