नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) सरकार जीएसटी दरों में कटौती के बाद से दैनिक उपयोग की 54 वस्तुओं पर नजर रख रही है। इसमें से 30 वस्तुओं के दाम में अपेक्षा से अधिक कटौती देखी गई है। अन्य वस्तुओं के मामले में सरकार खुदरा कीमतों में और कमी सुनिश्चित करने के लिए उद्योग के साथ मिलकर काम कर रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जीएसटी में कटौती की तारीख 22 सितंबर से सभी 54 वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है। हालांकि, 24 वस्तुओं के मामले में दाम में वास्तविक रूप से कमी सरकार के शुरुआती अनुमान से कम है।
सरकार ने केंद्रीय जीएसटी क्षेत्रीय कार्यालयों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की संशोधित दरें लागू होने के बाद मक्खन, घी, पनीर, पाउडर, साबुन जैसी घरों में उपयोग होने वाली 54 वस्तुओं की कीमतों में बदलाव की निगरानी करने को कहा था।
देश भर के 21 विभिन्न केंद्रीय जीएसटी क्षेत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसी मशीन, टेलीविजन, टोमैटो केचप, पनीर, सीमेंट सहित 30 वस्तुओं की कीमतों में अपेक्षा से अधिक कमी आई है।
हालांकि, नोटबुक, चॉकलेट, हेयर ऑयल, टूथपेस्ट, पेंसिल, थर्मामीटर और साइकिल सहित 24 वस्तुओं की कीमतों में जीएसटी दर में कमी के आधार पर उम्मीद के मुताबिक कमी नहीं आई। हालांकि यह आकलन इस बात पर आधारित है कि इस दौरान अन्य सभी लागत और लाभ स्थिर रहे हैं।
जीएसटी सुधारों के तहत 22 सितंबर से माल एवं सेवा कर के चार स्लैब की जगह दो स्लैब… पांच और 18 प्रतिशत लागू हैं। वहीं अति-विलासिता वस्तुओं के मामले में 40 प्रतिशत की विशेष दर रखी गयी है। इससे पहले, 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाता था।
जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने से टूथपेस्ट और शैम्पू से लेकर कार और टेलीविजन सेट तक, 375 वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है।
जीएसटी दर में कटौती से पहले और बाद में जरूरी वस्तुओं पर जीएसटी दर की निगरानी से जुड़े सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य पदार्थों के मामले में, विभिन्न क्षेत्रों द्वारा बताई गई औसत कीमत के आधार पर कीमतों में अपेक्षा से अधिक कमी देखी गई। इसमें सूखे मेवे, पनीर, गाढ़ा दूध, जैम, टोमैटो केचप, सोया मिल्क ड्रिंक और पीने के पानी की बोतल (20 लीटर) शामिल हैं। इन सभी वस्तुओं पर जीएसटी 22 सितंबर से 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।
हालांकि, मक्खन के मामले में कीमतों में और कमी की गुंजाइश है। मक्खन पर उसके प्रकार के आधार पर 12 से 18 प्रतिशत कर लगता था, उसे घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।
सरकारी अनुमान के अनुसार, अपेक्षित कमी 6.25 से 11.02 प्रतिशत के बीच है, जबकि वास्तविक कमी 6.47 प्रतिशत रही है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि जीएसटी दरों में कटौती का लाभ कीमतों में कमी के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा कि जिन वस्तुओं की कीमतों में कटौती विभाग के अनुमान के अनुसार नहीं है, उनमें कमी लाने के लिए ‘‘ हम कंपनियों के साथ मिलकर काम करेंगे।’’
खाद्य पदार्थों में, घी, चॉकलेट, बिस्कुट और कुकीज, कॉर्नफ्लेक्स, आइसक्रीम और केक की कीमतों में अपेक्षा से कम कटौती देखी गई।
इसके अलावा, शैम्पू, टूथब्रश, टैल्कम और फेस पाउडर जैसी सौंदर्य प्रसाधन सामग्री की कीमतों में 22 सितंबर से अपेक्षा से ज्यादा कमी देखी गई, जबकि हेयर ऑयल, टूथपेस्ट, शेविंग क्रीम और आफ्टर-शेव लोशन की कीमतों में अपेक्षा से कम गिरावट देखी गई।
इसी तरह, चश्मे, कॉन्टैक्ट लेंस, ज्योमेट्री बॉक्स, कलर बॉक्स, इरेजर, एसी मशीन और टीवी सेट और टेबल व किचनवेयर की कीमतों में अपेक्षा से ज्यादा कमी आई है।
दूसरी तरफ, नोटबुक, पेंसिल, क्रेयॉन, शार्पनर, थर्मामीटर और मॉनिटर की कीमतों में जीएसटी विभाग के अनुमान से कम कमी आई है।
भाषा रमण रमण दिलीप
दिलीप
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