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Thursday, 2 April, 2026
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भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने को इच्छुक अफगानिस्तान: मंत्री अजीजी

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नयी दिल्ली, 24 नवंबर (भाषा) अफगानिस्तान के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी ने सोमवार को कहा कि अफगानिस्तान से एक वाणिज्यिक अताशे एक महीने के भीतर भारत आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि काबुल द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने को इच्छुक है।

अजीजी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि निजी निवेश के मामले में दोनों पक्षों की ओर से ‘दृढ़ इच्छा शक्ति’ है।

उन्होंने 21 नवंबर को भारतीय कंपनियों को अफगानिस्तान में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने और आर्थिक सहयोग को प्रगाढ़ बनाने के लिए अनुकूल माहौल का वादा किया।

अजीजी ने कहा कि खनन, कृषि, स्वास्थ्य एवं औषधि, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और वस्त्र उद्योग जैसे क्षेत्रों में वाणिज्यिक जुड़ाव के महत्वपूर्ण अवसर मौजूद हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पिछले सप्ताह देश की पांच दिवसीय यात्रा पर नयी दिल्ली पहुंचे।

अफगान दूतावास में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अजीजी ने हाल ही में लिए गए उस फैसले का जिक्र किया जिसके तहत भारत और अफगानिस्तान ने एक-दूसरे की राजधानियों में अलग से वाणिज्यिक अताशे नियुक्त करने का फैसला किया है ताकि द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाया जा सके, जो फिलहाल एक अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा है।

यह फैसला अजीजी और वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के बीच एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान लिया गया।

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के वाणिज्यिक अताशे के एक महीने में यहां पहुंचने की उम्मीद है।

मंत्री ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने को इच्छुक है।

इससे पहले, अजीजी एक कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आमंत्रित करते हुए कहा कि उनकी सरकार सोने के खनन सहित नए क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को पांच साल की कर छूट देने के लिए तैयार है।

उन्होंने उद्योग मंडल एसोचैम के कार्यक्रम में कहा कि पाकिस्तान के साथ तनाव व्यापार में बाधाएं पैदा कर रहा है।

अजीजी ने कहा, ‘‘अफगानिस्तान में काफी संभावनाएं उपलब्ध हैं। आपको ज्यादा प्रतिस्पर्धी नहीं मिलेंगे। आपको शुल्क सहायता भी मिलेगी और हम आपको जमीन भी दे सकेंगे। पांच साल की कर छूट उन कंपनियों को दी जाएगी जो नए क्षेत्रों में निवेश करने में रुचि रखती हैं।’’

भाषा रमण अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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