अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के लिए प्रस्तावित मॉडल | Photo: ANI
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लखनऊ: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से एक ओर चंदा इकट्ठा करने का अभियान चल रहा है तो वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट के सामने दान में आ रही चांदी की ईंटें एकत्रित करने में बड़ी समस्य़ा आ रही है.

अब तक मंदिर के लिए 400 किलो से अधिक चांदी आ चुकी है.

ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में चांदी आ गई है कि उसे ‘कहां रखा जाए ये सोचना पड़ रहा है.’ ऐसे में ट्रस्ट की ओर से चांदी दान में न देने की अपील की जा रही है.

अनिल मिश्रा ने दिप्रिंट से बातचीत में बताया कि देश के तमाम प्रदेशों से लोग मंदिर निर्माण के लिए चांदी की ईंट (सिल्वर ब्रिक्स) भेज रहे हैं. ये इतनी बड़ी संख्या में इकट्ठा होती जा रही हैं कि इन्हें कहां सुरक्षित रखा जाए ये सोचना पड़ रहा है.’

उन्होने बताया कि अब ट्रस्ट ने अपील करनी शुरू कर दी है कि चांदी दान न करें. वह आगे कहते हैं,  ‘हम भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हैं लेकिन हमारी गुजारिश है कि वे चांदी की ईंटे न भेजें. हमें इसके रखरखाव पर भी पैसा खर्च करना पड़ेगा.’

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डॉ. मिश्रा के मुताबिक, ‘बैंक के लॉकर फुल हो गए हैं. इस वजह से बीच में चांदी का दान लेना बंद कर दिया गया था लेकिन कोई लेकर आता है तो मना नहीं कर पाते.’

उन्होंने कहा, ‘आगे मंदिर निर्माण के लिये अगर जरूरत पड़ेगी, तब हम इसका आह्वान करेंगे. अब तक 400 किलो से अधिक चांदी आ चुकी है.’

डॉ अनिल मिश्रा ने ये भी बताया कि कहा कि रामलला के परिसर में नींव की खुदाई का काम प्रगति पर है. लगभग 9 मीटर तक खुदाई पूरी हो गई है. 70 दिनों के अंदर नींव की खुदाई का काम पूरा हो जाएगा. इसी महीने के आखिरी में कार्यों की समीक्षा बैठक होगी और इसके बाद नींव की खुदाई का काम पूरा हो जाएगा.

दिप्रिंट को एक ऑफिशियल ने बताया कि पिछले दिनों विश्व सिंधी सेवा संगठन, अंबेडकर महासभा ट्रस्ट समेत कई संगठनों के प्रतिनिधि राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय चांदी की ईंट लाए. इनको ट्रस्ट ने स्वीकार तो कर लिया लेकिन इसके बाद फैसला लिया गया कि चांदी को चंदे के तौर पर दान न लें, उससे बेहतर कैश या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए भक्त डोनेट करें.


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1600 करोड़ से अधिक का चंदा आया

ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अब तक लगभग 1600 करोड़ रुपये राम मंदिर निर्माण के लिए मिल चुके हैं. ट्रस्ट की ओर से जो चंदा इकट्ठा करने अभियान को ‘निधि संकल्प संग्रह’ का नाम दिया गया है.

इस अभियान के तहत पांच लाख से ज्यादा गांवों के 12 करोड़ से ज्यादा परिवारों तक पहुंचने का टारगेट है. 27 फरवरी तक चलने वाले इस चंदा अभियान की हर रोज समीक्षा की जा रही है. चंदे के लिए ट्रस्ट की ओर से गठित टोलियों को चेक या ट्रस्ट के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने का ऑप्शन दिया गया है.

पिछले दिनों चंपत राय (महासचिव, राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट) ने बताया था कि 1 लाख 50 हजार टोलियां मंदिर निर्माण के धन संग्रह अभियान में लगी हुई हैं.

चंपत राय के मुताबिक, देश के पांच बड़े इंजीनियरिंग संस्थान, भवन निर्माण और भू-गर्भ के अध्ययन से जुड़ी संस्थाओं के वैज्ञानिकों ने मंदिर की नींव और धरती के नीचे का अध्ययन किया है. नींव के लिए कार्य प्रारंभ हो गया है. 39 महीने में मंदिर बन जाएगा.


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