चेन्नई, तीन अप्रैल (भाषा) द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता ए. राजा ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पार्टी की धोती पहनते समय ‘कुमकुम’ लगाने और कलावा बांधने से बचने की ‘सलाह’ दी है।
ए. राजा ने कहा कि विचारधारा के बिना किसी राजनीतिक दल का केवल विनाश ही होगा और इसका एक उदाहरण अन्ना द्रविड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) है।
पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजा ने कहा कि वह भगवान में आस्था रखने के विरोध में नहीं है बल्कि पार्टी के संस्थापक सी. एन. अन्नादुरई ने कहा था कि गरीबों की मुस्कान में ईश्वर के दर्शन हो सकते हैं।
राजा ने कुछ दिन पहले नीलगिरि जिले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘लेकिन जब आप पोट्टू (कुमकुम) लगाते हैं और कैइरू (कलावा) बांधते हैं और जब संघी (आरएसएस के लोग) भी ऐसा करते हैं, तो अंतर करना मुश्किल हो जाता है।’’
उनके कथित संबोधन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है।
द्रमुक उप महासचिव ने कहा कि कम से कम छात्र शाखा से जुड़े लोगों को ‘पोट्टू हटा देना चाहिए।’ हालांकि, राजा ने यह स्पष्ट किया कि वह ईश्वर की पूजा करने से मना नहीं कर रहे हैं और उन्होंने कहा कि अगर उनके माता-पिता माथे पर ‘विभूति’ लगाते हैं, तो उन्हें इसे मानना चाहिए।
राजा द्वारा कार्यकर्ताओं से कुमकुम लगाने से बचने के लिए कहे जाने के बारे में पूछे जाने पर द्रमुक नेता और हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ निधि मंत्री पीके शेखर बाबू ने कहा कि उनकी पार्टी के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने ऐसा कुछ नहीं कहा है और ये राजा के निजी विचार है।
मंत्री पीके शेखर बाबू हमेशा कुमकुम लगाते हैं।
ए. राजा ने पूर्व में सनातन धर्म की तुलना एचआईवी/एड्स से करके विवाद खड़ा कर दिया था।
राजा की टिप्पणी की निंदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई ने पूछा कि द्रमुक धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाना कब बंद करेगी। राजा पर लगातार हिंदू धर्म को तुच्छ बताने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने कहा कि द्रमुक नेता अब एक कदम आगे बढ़ गए हैं और छात्र संगठन से तिलक या कुमकुम न लगाने को कह रहे हैं।
भाषा यासिर शोभना
शोभना
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