चेन्नई, 25 मार्च (भाषा) तमिलनाडु में सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने बुधवार को अन्नाद्रमुक पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के पलानीस्वामी तूतुकुड़ी जिले में पिता-पुत्र की हिरासत में मौत मामले में नौ पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराए जाने के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे।
द्रमुक ने पार्टी मुखपत्र ‘मुरासोली’ में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) पर हमला किया और कहा कि तूतुकुड़ी जिले में 2020 में पिता-पुत्र की हिरासत में हुई मौत के संबंध में अदालत के हालिया फैसले ने पलानीस्वामी के क्रूर प्रशासन को उजागर किया है। उस समय पलानीस्वामी के पास ही गृह विभाग था।
द्रमुक ने ‘मुरासोली’ में जयराज और फेनिक्स पर रात भर पुलिस द्वारा किए गए अत्याचारों पर अदालती निष्कर्षों और पलानीस्वामी के प्रारंभिक बयानों के बीच के अंतर को बताया।
द्रमुक ने मामले को प्रारंभिक कार्यवाही के लिए पलानीस्वामी को ‘झूठा’ करार दिया और उन पर अपराधियों को ‘बचाने की कोशिश’ करने का आरोप लगाया।
‘मुरासोली’ में आरोप लगाया गया है, ‘पलानीस्वामी ने क्या बयान जारी किया? उन्होंने जयराज और फेनिक्स की हत्या को छिपाने की कोशिश की।’
द्रमुक के मुखपत्र ने दावा किया कि पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के निरंतर दबाव के कारण ही यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा गया था। स्टालिन उस समय राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता थे।
मदुरै की एक अदालत ने 23 मार्च को तूतुकुड़ी जिले में जयराज और फेनिक्स की हिरासत में हुई मौत के मामले में सभी नौ आरोपी पुलिसकर्मियों को दोषी पाया था।
प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश जी. मुथुकुमारन ने घोषणा की कि अभियोजन पक्ष ने अपना मामला साबित कर दिया है और उन्होंने पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया।
दोषी पुलिसकर्मियों को सजा 30 मार्च को सुनाई जाएगी।
भाषा तान्या नोमान
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