देहरादून, 19 मार्च (भाषा) उत्तराखंड में एक बार फिर पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा जोरों पर है और माना जा रहा है कि इस नवरात्र के दौरान ही इस कवायद को अंजाम दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों ने कहा कि अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय बचा है और इस बात की प्रबल संभावना है कि मंत्रिमंडल में रिक्त पांचों पदों को जल्द भर दिया जाए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जब 2022 में राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता में आयी तो मुख्यमंत्री धामी सहित कुल नौ मंत्रियों ने शपथ ली थी जबकि संवैधानिक प्रावधान के तहत, उत्तराखंड में राज्य मंत्रिमंडल में अधिकतम 12 सदस्य हो सकते हैं।
अप्रैल 2023 में सामाजिक कल्याण और परिवहन मंत्री चंदन रामदास के निधन के बाद मंत्रिमंडल में आठ सदस्य रह गए जबकि पिछले साल एक विवाद के चलते संसदीय कार्य और वित्त विभाग का जिम्मा संभाल रहे प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद यह संख्या घटकर सात पर पहुंच गयी।
राज्य सरकार के पिछले चार साल के कार्यकाल में कम से कम आधा दर्जन बार मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं हुईं लेकिन यह कवायद कभी अंजाम तक नहीं पहुंची।
भाजपा की उत्तराखंड इकाई के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा और विचार विमर्श हो चुका है और उम्मीद है कि जल्द पांचों रिक्त पद भर दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश की धामी सरकार विकास, जनसेवा और सुशासन के प्रति संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। मंत्रिमंडल का विस्तार एक शासकीय प्रक्रिया है और केंद्रीय नेतृत्व का विषय है। इसे लेकर केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा और विचार विमर्श हो गया है। जल्द मंत्रिमंडल विस्तार की उम्मीद की जा सकती है।’’
भाषा दीप्ति सुरभि
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