चंडीगढ़, दो जुलाई (भाषा) वर्ष 2015 के धार्मिक ग्रंथ बेअदबी मामलों से संबंधित पंजाब पुलिस की अंतिम अन्वेषण रिपोर्ट में सिरसा में स्थित डेरा सच्चा सौदा को इन घटनाओं का जिम्मेदार बताया गया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को यहां चमकौर सिंह और मेजर सिंह पंडोरी समेत सिख नेताओं को पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) की 467 पृष्ठ की रिपोर्ट सौंपी।
पुलिस महानिरीक्षक एस पी एस परमार के नेतृत्व वाले विशेष जांच दल ने घटनाओं की जांच की और 21 अप्रैल को राज्य के पुलिस महानिरीक्षक को रिपोर्ट सौंपी।
दरअसल, वर्ष 2015 में फरीदकोट में गुरु गंथ साहिब की एक ‘बीर’ (प्रतिलिपि) चोरी होने, बेअदबी संबंधी हस्तलिखित पोस्टर और पवित्र ग्रंथ के फटे पन्ने बिखरे हुए मिलने की घटनाएं सामने आई थीं।
इन घटनाओं के कारण फरीदकोट में विरोध प्रदर्शन हुआ था। अक्टूबर 2015 में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी में बेहबल कलां में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि फरीदकोट के कोटकपूरा में कुछ लोग घायल हो गए थे।
रिपोर्ट के अनुसार डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बेअदबी की तीन घटनाओं में नामजद किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, तीन घटनाओं का ”डेरा सच्चा सौदा से सीधा संबंध है और इन मामलों में शामिल आरोपी उक्त डेरे के अनुयायी हैं।”
रिपोर्ट में कहा गया है, ”पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल द्वारा एकत्रित सामग्री और साक्ष्यों से यह स्पष्ट है कि आरोपियों के डेरा प्रबंधन से सीधे संबंध थे। घटनाओं की मंशा का भी फिल्म एमएसजी-2 से संबंध है।”
डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी राम रहीम अभिनीत मैसेंजर ऑफ गॉड (एमएसजी-2) के रिलीज नहीं होने को लेकर निराश थे।
भाषा जोहेब दिलीप
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