नयी दिल्ली, 17 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अक्टूबर से दिसंबर के दौरान तोड़फोड़ के काम पर रोक लगाई जानी चाहिए।
अक्टूबर से दिसंबर के दौरान प्रदूषण सबसे अधिक होता है।
उन्होंने दिल्ली और सोनीपत के नगर निकायों की कार्य योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह भी कहा कि निर्माण और तोड़फोड़ के दौरान होने वाले कचरे के प्रबंधन व प्रसंस्करण के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार होने व स्थल के 10 किलोमीटर के दायरे में निर्माण एवं तोड़फोड़ के काम की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने सभी एजेंसियों को अगले एक वर्ष में वायु गुणवत्ता सूचकांक में 40 प्रतिशत की कमी लाने के लिए मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया।
उन्होंने वायु प्रदूषण से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ‘संपूर्ण सरकारी’ और ‘संपूर्ण सामाजिक’ दृष्टिकोण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की वैश्विक छवि को सुधारने की आवश्यकता है।
यादव ने दिल्ली में चिन्हित 62 यातायात जाम वाले क्षेत्रों से अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया।
मंत्री के हवाले से एक बयान में बताया गया, “दिल्ली पुलिस के समन्वय से सुबह नौ बजे से 11 बजे और शाम चार बजे से सात बजे तक व्यस्त यातायात के समय में सिग्नल-मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क गलियारों की पहचान करने के संबंध में एक विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। इन गलियारों पर बीएस-चार मानकों से नीचे के वाहनों को अनुमति नहीं दी जाएगी।”
यादव ने अनियोजित शहरी विस्तार पर रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के उपयोग को बढ़ाने व व्यस्त समय में भीड़भाड़ कम करने के लिए ऊंची इमारतों में रहने वाले निवासियों के लिए आस-पास के सार्वजनिक परिवहन केंद्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की।
बयान में दिल्ली नगर निगम को विधायी सुधारों, प्रवर्तन कार्रवाई और अतिक्रमण करने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक समाधानों के प्रावधान सहित एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने के लिए कहा गया।
बयान के मुताबिक, “ये उपाय बाघ अभ्यारण्यों में अपनाए गए स्वैच्छिक पुनर्वास मॉडल की तर्ज पर होने चाहिए, जिनका उद्देश्य यातायात जाम और प्रदूषण वाली प्रमुख जगहों को खत्म करना है।”
भाषा जितेंद्र रंजन
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