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Wednesday, 1 April, 2026
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अन्नाद्रमुक में फिर उठी ‘एकल’ नेतृत्व की मांग

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चेन्नई, 14 जून (भाषा) तमिलनाडु में एक लंबे अंतराल के बाद मंगलवार को मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक में पार्टी का नेतृत्व किसी एक नेता द्वारा किए जाने की मांग फिर से उठी।

ऑल इण्डिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डी. जयकुमार ने पार्टी के पदाधिकारियों की एक बैठक के बाद बताया कि बैठक में अधिकतर जिला सचिवों और शीर्ष पदाधिकारियों ने एकल नेतृत्व की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी निर्धारित समय में फैसला करेगी कि अन्नाद्रमुक का नेतृत्व किसे सौंपा जाना चाहिए।

जिला सचिवों और शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक में हुई चर्चा की जानकारी देते हुए जयकुमार ने चेन्नई में संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में दोहराया कि वी. के. शशिकला अन्नाद्रमुक की सदस्य नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि शशिकला का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है और बैठक में उनके बारे में कोई भी चर्चा नहीं हुई।

शशिकला तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक सुप्रीमो जे. जयललिता की करीबी थीं। 2016 में जयललिता के निधन के बाद उन्हें पार्टी की अंतरिम महासचिव चुना गया था। हालांकि, बाद में वह पार्टी से बाहर कर दी गई थीं।

अन्नाद्रमुक में एकल नेतृत्व की मांग पार्टी द्वारा अपने उप-नियमों में संशोधन के लगभग छह महीने बाद जोर पकड़ रही है, जिसके तहत ओ. पन्नीरसेल्वम (समन्वयक) और के. पलानीस्वामी (सह-समन्वयक) वाले शीर्ष दो पदों के वर्तमान नेतृत्व ढांचे को बनाए रखने के लिए अन्नाद्रमुक ने अपने मानदंडों को मजबूत किया था।

भाषा पारुल अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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