Wednesday, 25 May, 2022
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दिल्ली की कोविड-19 की टेस्टिंग राष्ट्रीय औसत से बेहतर, 10 लाख़ में 2300 लोगों का हो रहा है टेस्ट-केजरीवाल

दिल्ली सरकार ने कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए 40 बसें भेजी हैं और पूरी उम्मीद है कि शनिवार तक वापस लौट आएंगे. जबकि प्रवासी मजदूरों की वापसी को लेकर अभी बातचीत राज्य प्रतिनिधियों से चल रही है.

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नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में बढ़ते कोरोना संक्रमितों के आंकड़े, राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों और दूसरे राज्यों के दिल्ली में फंसे मजदूरों को लेकर जानकारियां साझा की हैं. उन्होंने मीडिया को बताया कि दिल्ली में कोविड 19 के कुुल मामले 3500 से ऊपर चले गए हैं, ये मामले भले ही ज़्यादा लग रहे हों लेकिन इसकी सिर्फ एक ही वजह है कि हम औसतन अधिक कोविड टेस्ट कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘दिल्ली की टेस्टिंग का औसत राष्ट्रीय औसत से बेहतर है.’

सीएम केजरीवाल ने कहा, ‘एक तरफ़ जहां टेस्टिंग का राष्ट्रीय औसत 10 लाख़ लोगों में 500 का है, वहीं दूसरी तरफ़ दिल्ली में 10 लाख़ में 2300 लोगों की टेस्टिंग हो रही है.’

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लग सकता है कि दिल्ली में मामले ज़्यादा आ रहे हैं लेकिन दिल्ली सरकार ने कोविड से निपटने के लिए जमकर टेस्ट कराने का फ़ैसला लिया है. इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि राजधानी के कुल 3515 मामलों में से 2362 एक्टिव मामले हैं और 59 लोगों की मौत हो गई. वहीं, 1100 लोग ठीक होकर अपने घर चले गए.

प्लाज़्मा थेरेपी ने बचाई कई जानें

केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मिली प्लाज़्मा थेरेपी की अनुमति की जानकारी दी कि इसके शुरुआती नतीजे सकारात्मक आए हैं. इन आंकड़ों को पेश करते हुए उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार को केंद्र से लोकनायक जय प्रकाश हॉस्पिटल (एलएनजेपी) हॉस्पिटल में प्लाज़्मा थेरेपी ट्रायल की अनुमति मिली है.

उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार ने हमें एलएनजेपी हॉस्पिटल में प्लाज़मा थेरेपी ट्रालय की अनुमति दी है. वहां कोविड के कुछ गंभीर मरीज़ों को ये थेरेपी दी गई और शुरुआती नतीजों में फ़ायदा देखने को मिला है. एक मरीज़ बहुत सीरियस था, वो आईसीयू में भर्ती था. लेकिन इस थेरेपी से ठीक होकर अपने घर चला गया.’

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आगे की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्लाज़्मा थेरेपी से जुड़े केंद्र के बयान से उलझन की स्थिति पैदा हुई थी. उन्होंने मामले को स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र ने कहा है कि जिन अस्पतालों और राज्यों को ट्रायल की अनुमति दी गई है वो ही ट्रायल करें. वहीं, उन्होंने ये जानकारी भी दी कि दिल्ली में जो लोग ठीक हो गए हैं वो अपना प्लाज़्मा डोनेटे करने के लिए तैयार है.

दोगुना राशन और साबुन- तेल का किट होगा साथ

लॉकडाउन के वजह से बिगड़ते आर्थिक हालात के मद्देनज़र उन्होंने कहा कि ग़रीबों पर इसकी सबसे बड़ी मार पड़ी है. ऐसे में उन्होंने कहा, ‘दिल्ली सरकार इस महीने गरीबों को मुफ्त में दोगुना राशन देने वाली है. हम पहले पांच किलो राशन दे रहे थे. इस बार 10 किलो राशन देंगे.’

दिल्ली सरकार को ऐसी भी शिकायतें मिली कि लोगों का सिर्फ राशन से काम नहीं चलता. ऐसे में इस बार लोगों को एक किट भी देने का फ़ैसला किया गया है जिसमें साबुन, तेल और नमक वगैरह जैसी सात चीज़ें होंगी. सीएम ने आश्वासन दिया कि राजधानी में किसी को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा.

कोटा से कल आ जाएंगे छात्र

प्रवासियों के मामले पर स्थिति साफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान के कोटा में दिल्ली के जो छात्र हैं उन्हें यहां लाने 40 बसें भेजी जा रही हैं और पूरी उम्मीद है कि शनिवार तक वापस लौट आएंगे. उन्होंने कहा कि इन बच्चों से अपील की गई है कि वापस आकर वो ख़ुद को 14 दिन सेल्फ क्वारेंटीन में रखें.

वहीं, उन्होंने ये जानकारी भी दी कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को वापस उनके राज्य भेजने को लेकर इन राज्यों की सरकारों से बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि इसे लेकर जो भी फ़ैसला होगा उसकी जानकारी साझा की जाएगी.

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