नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने हेरोइन की तस्करी के दोषी दो अफगान नागरिकों को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और साथ ही उन पर कुल तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
विशेष न्यायाधीश मनु गोयल खरब, अब्दुल खालिक नूरजई और गुलाम हजरत मिर्जाले के खिलाफ सजा पर दलीलें सुन रहे थे। दोनों को स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) की धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था।
न्यायालय ने सात फरवरी को जारी एक आदेश में कहा, ‘उपरोक्त तथ्यों के साथ-साथ इस तथ्य को भी ध्यान में रखते हुए कि दोनों दोषियों को अपने परिवारों का भरण-पोषण भी करना है, दोषी अब्दुल खालिक नूरजई और गुलाम हजरत मिर्जाले को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 (सी) के तहत अपराध करने के लिए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई जाती है।’
अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 23(सी) और धारा 29 के तहत समान सजा के साथ-साथ तीन साल के कठोर कारावास और प्रत्येक पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी सुनाया।
अदालत ने निर्देश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, नूरजई के पास से 4.02 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई, जबकि मिर्जाले के पास से 3.60 किलोग्राम हेरोइन मिली। कुल मिलाकर 7.62 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसे प्लास्टिक की बोतलों में छिपाकर रखा गया था।
आठ अगस्त 2021 को दुबई से दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उनके सामान की जांच और संशय के आधार पर छानबीन किए जाने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश
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