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Thursday, 15 January, 2026
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दिल्ली दंगों का आरोपी गिरफ्तार, हेड कांस्टेबल से छीनी गई पिस्तौल बरामद

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(दि47 तीसरे पैरा में सुधार के साथ रिपीट)

नयी दिल्ली, 16 नवंबर (भाषा) दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने 23 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है जिसके पास से 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान एक हेड कांस्टेबल से कथित रूप से छीनी गई एक पिस्तौल बरामद हुई है।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि दयालपुर निवासी शाहिद उर्फ शाहबाज़ को 11 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से 9 एमएम की पिस्तौल भी मिली है जो दंगों के दौरान हेड कांस्टेबल से छीनी गई थी।

पुलिस ने बताया कि तीन संदिग्ध शूटर भी गिरफ्तार किये गये हैं। उनकी पहचान समीर (24), सुहैल चौधरी (22) और शाहनवाज़ (25) के तौर हुई है। वे इरफान उर्फ छेनू गिरोह के सदस्य हैं।

यह पिस्तौल हेड कांस्टेबल छत्रपाल सिंह की थी जिसे शाहबाज़ ने कथित रूप से छीन लिया था। सिंह दंगों के दौरान सिर पर लगी गंभीर चोट की वजह से कोमा में हैं। उनके साथ पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) और सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और हेड कांस्टेबल रत्न लाल भी जख्मी हुए थे। लाल की बाद में मौत हो गई थी।

विशेष प्रकोष्ठ के पुलिस उपायुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने कहा कि पुलिस को तीन सितंबर को गुप्त सूचना मिली कि भजनपुरा में गोलीबारी की घटना में वांछित चौधरी अपराध करने के लिए शाहदरा आने वाला है।

उन्होंने कहा कि सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने जाफराबाद-सीलमपुर रोड पर जाल बिछाया और चौधरी तथा उसके सहयोगी शाहनवाज़ को हाथापाई के बाद गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से .30 बोर की एक पिस्तौल, उसके चार कारतूस, एक देसी कट्टा और आठ एमएम के चार कारतूस बरामद किए गए।

कुशवाह ने कहा कि उनके पास से एक बाइक भी जब्त की गई है जिसपर फर्जी नंबर प्लेट थी। उन्होंने कहा कि यह पता चला कि बाइक को 16 सितंबर को जाफराबाद से चुराया गया था।

अधिकारी ने कहा कि उसके अन्य सहयोगी समीर को छह नवंबर को मौजपुर से गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान शाहबाज ने खुलासा किया कि वह दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक सीएए/एनआरसी के खिलाफ उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए प्रदर्शन का हिस्सा था।

अधिकारी ने कहा कि 24 फरवरी 2020 को उसने और उसके साथियों ने कथित तौर पर वजीराबाद रोड को जाम कर दिया, जिस वजह से दंगे हुए।

दंगे के दौरान उसने और अन्य दंगाइयों ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया। अधिकारी ने कहा कि भीड़ के साथ उनपर हमला करने के बाद उसने सिंह की पिस्तौल कथित तौर पर छीन ली।

पुलिस ने कहा कि तीन संदिग्ध शूटर शकरपुर में आरएसएस के कार्यालय व उत्तर प्रदेश के अमरोहा में भाजपा के एक नेता के घर गोलीबारी के मामलों के साथ-साथ हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और कई अन्य मामलों में कथित रूप से शामिल थे।

भाषा नोमान मनीषा

मनीषा

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यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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