Tuesday, 18 January, 2022
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5 हथियारों के साथ कोरोना से जंग लड़ रही दिल्ली, केंद्र ने जितनी मदद की उसके लिए शुक्रिया: सीएम केजरीवाल

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के पास दो विकल्प थे. लॉकडाउन लगाना या कोरोना से लड़ना. जनता ने लॉकडाउन को नकार दिया. फ़िर कोरोना से युद्ध शुरू किया गया जो अब पांच हथियारों से लड़ा जा रहा है.

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नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के ख़िलाफ़ दिल्ली की लड़ाई में अपने पांच हथियारों का ज़िक्र किया. उन्होंने दिल्ली की मदद के लिए केंद्र सरकार का भी शुक्रिया अदा किया और कहा कि कोरोना के ख़िलाफ़ इस जंग में दिल्ली को जीत मिलेगी.

तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव आकर उन्होंने कहा, ‘हमारी लड़ाई मार्च में शुरू हुई. मई में लॉकडाउन खुलने के बाद कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़े. जून में हमें बेड की कमी की समस्या नज़र आने लगे. जब बेड नहीं मिले तो मौत का आंकड़ा भी बढ़ने लगा.’

उन्होंने कहा कि ऐसे में दिल्ली के पास दो विकल्प थे. लॉकडाउन लगाना या कोरोना से लड़ना. जनता ने लॉकडाउन को ना कर दिया. फ़िर कोरोना से युद्ध शुरू किया गया जो अब पांच हथियारों से लड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘पहला हथियार है बेड जिनकी संख्या बढ़ाई गई. पहले मुझे रात भर बेड के फ़ोन आते थे और मैं इंतज़ाम करवाता था. अब बेड्स की संख्या बढ़ गई है और लोगों के फ़ोन आने बंद हो गए हैं.’

इसके लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पहला निर्णय ये लिया गया कि दिल्ली के सारे बड़े अस्पतालों में कम से कम 40 प्रतिशत बेड कोरोना के लिए हों. चंद बड़े प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों को पूरी तरह से कोरोना अस्पताल बना दिया गया. कई होटलों को अस्पताल में तब्दील कर दिया गया.

उन्होंने कहा, ‘होटल वाले नाराज़ हुए और कोर्ट में भी गए. लेकिन जीत मानवता ही हुई और कोर्ट में हम जीत गए. राधा स्वामी सत्संग में 10,000 बेड जल्द तैयार हो जाएंगे. बुराड़ी अस्पताल में 450 बेड तैयार किए गए हैं. पिछले एक हफ़्ते में हमने बेड्स की संख्या बड़े स्तर पर बढ़ाई. अभी दिल्ली में 13,500 बेड हैं जिनमें से 7500 खाली पड़े हैं.’

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टेस्टिंग और आइसोलेशन को दूसरा हथियार बताते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लैब टेस्टिंग में गड़बड़ी कर रहे थे. उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा, ‘दिल्ली में रोज़ 20,000 टेस्ट हो रहे हैं जो देश भर में लगभग सबसे ज़्यादा है. अब टेस्टिंग को लेकर शिकायत ख़त्म हो गई है. हम केंद्र सरकार का रैपिड और एंटीजेन टेस्टिंग किट देने के लिए शुक्रिया अदा करते हैं.’

ऑक्सीमीटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को तीसरा हथियार बताया और उन्होंने कहा कि कोरोना में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिससे लोगों की मौत हो जाती है. उन्होंने कहा, ‘हमने लोगों को ये मीटर बांटे और कहा कि जब लगे की आक्सीजन की कमी हुई है तो हमें बताएं हम आपको अस्पताल में भर्ती कर देंगे. हम कोशिश कर रहे हैं कि हर बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था हो इसके लिए 4000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ख़रीदे गए हैं.’


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प्लाज़्मा थेरेपी को चौथा हथियार बताते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में 29 लोगों पर इसका प्रयोग किया गया. उन्होंने कहा, ‘प्रयोग के नतीजे हमने ड्रग कंट्रोलर ऑफ़ इंडिया के साथ साझा किया जिसके बाद हमें इसे कई अस्पतालों में इस्तेमाल करने की अनुमति मिली.’ उन्होंने ये भी बताया कि गंभीर मरीज़ों के लिए तो ये कारगर नहीं है लेकिन बाकी के मरीज़ों के लिए ये काफ़ी कारगर है.

उन्होंने कहा कि पांचवा हथियार सर्वे और स्क्रीनिंग है. उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार घर-घर जाकर सिरोलॉजिकल सर्वे और स्क्रीनिंग करने वाली है. उन्होंने कहा, ‘हम केंद्र सरकार और मीडिया का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं जिन्होंने हमें इस लड़ाई में रास्ता दिखाया. जीत निश्चित है लेकिन ये नहीं कह सकते की जीत कब मिलेगी.’

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