नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर की ओर से दाखिल एक याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए उनकी पत्नी प्रिया कपूर और अन्य को समन जारी किया।
रानी कपूर (80) ने अपनी याचिका में पारिवारिक न्यास को ‘ अमान्य’ घोषित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अक्टूबर 2017 में ‘जाली, छेड़छाड़ किये गए और धोखाधड़ी से तैयार’’ दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम पर न्यास गठित किया गया है।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने मामले में सुनवाई करते हुए प्रिया कपूर और संजय कपूर की पूर्व पत्नी एवं अभिनेत्री करिश्मा कपूर से हुए बच्चों सहित अन्य प्रतिवादियों को लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और अंतरिम राहत का अनुरोध करने वाली इस याचिका पर नोटिस जारी किया।
अदालत ने हालांकि इस स्तर पर संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह कोई भी निर्देश देने से पहले सभी संबंधित पक्षों से जवाब तलब करेंगी।
मामले मे अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।
रानी कपूर ने बहू प्रिया कपूर और पोते-पोतियों सहित अन्य प्रतिवादियों को ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ का किसी भी तरह से उपयोग करने या उसके समर्थन में कार्य करने से स्थायी रूप से रोकने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
याचिका में दलील दी गई कि रानी कपूर अपने दिवंगत पति सुरिंदर कपूर की संपूर्ण संपत्ति की एकमात्र लाभार्थी थीं, जो ‘सोना ग्रुप ऑफ कंपनीज’ सहित विभिन्न व्यवसायों के प्रवर्तक थे। उन्होंने कहा कि जब संपत्ति ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ को हस्तांतरित की गई थी तब उनके साथ ‘‘व्यवस्थित धोखाधड़ी’’ की गई।
याचिका में दावा किया गया है कि संजय ने अंतिम समय तक रानी कपूर को नहीं बताया कि उन्हें उनके सभी अधिकारों, संपत्तियों और विरासत से वंचित कर दिया गया था और न ही उन्हें कथित ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ संबंधी दस्तावेज की प्रति मुहैया कराई।
भाषा धीरज अविनाश
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