Monday, 17 January, 2022
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दिल्ली में 9 साल की बच्ची से रेप और हत्या मामले में HC ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट, SIT करेगी जांच

राज्य की ओर से पेश स्थायी वकील संजय लाओ ने बताया कि मामला स्थानीय थाने से अपराध शाखा को सौंपने के बाद इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की जा चुकी है.

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नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में नौ साल की दलित लड़की से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में मंगलवार को पुलिस को जांच पर स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया. अदालत को सूचित किया गया कि इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गयी है.

पीड़ित बच्ची के माता-पिता ने अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का अनुरोध करते हुए याचिका दायर की है. न्यायमूर्ति योगेश खन्न ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को 8 नवंबर से पहले जांच की स्थिति रिपोर्ट जमा करने को निर्देश दिया. मामले में अब 8 नवंबर को आगे सुनवाई होगी.

न्यायाधीश ने कहा, ‘स्थिति रिपोर्ट जमा की जाए ताकि पता चल सके कि जांच कहा तक पहुंची है.’

राज्य की ओर से पेश स्थायी वकील संजय लाओ ने बताया कि मामला स्थानीय थाने से अपराध शाखा को सौंपने के बाद इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की जा चुकी है. उन्होंने कहा, ‘अपराध शाखा के डीसीपी ने एसआईटी गठित की है. उसमें दो एसीपी हैं. याचिका में जो अनुरोध किया गया है उसे पहले ही पूरा किया जा चुका है.’ लाओ ने अदालत को सूचित किया कि जांच की निगरानी दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है.

उन्होंने अदालत को सूचित किया कि दो आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है और प्राथमिकी में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत हत्या और दुष्कर्म, बच्चों को यौन अपराध से संरक्षण के कानून (पोक्सो)-2012 की धारा-छह और अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून-1989 की धाराएं जोड़ी गई हैं. पीड़ित परिवार को 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है.

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पीड़िता के माता-पिता द्वारा प्रशासन की कथित लापरवाही की न्यायिक जांच कराने के अनुरोध पर लाओ ने कहा कि इसपर जांच के नतीजों के बाद ही विचार किया जा सकता है.

अदालत ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता के अनुरोध पर राज्य के रुख से लगता है कि जवाब मिल गया है. न्यायाधीश ने कहा, ‘जांच शुरुआती दौर में है. हम इस चरण में न्यायिक जांच का निर्देश नहीं दे सकते हैं. जब उन्होंने एसआईटी गठित कर दी है तो उन्हें उनका काम करने दें. आप अनुमान नहीं लगा सकते.’

अदालत ने कहा कि याचिका का निस्तारण करने से पहले स्थिति रिपोर्ट जमा की जाए.

गौरतलब है कि दलित लड़की की एक अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उसके माता-पिता का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया और उसके बाद हत्या कर दक्षिण पश्चिम दिल्ली के पुराने नांगल गांव में श्मशान के पुजारी ने उसका दाह संस्कार कर दिया था.

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