नयी दिल्ली, एक दिसंबर (भाषा) दिल्ली सरकार नागरिकों द्वारा विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के लिए उनके आवेदनों के साथ दी गई महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए आधार वॉल्ट बनाने पर काम कर रही है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सरकार का सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के निर्देशों और दिशानिर्देशों के आधार पर इस परियोजना का क्रियान्वयन कर रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने स्टेजिंग सर्वर पर इस वॉल्ट का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया है।
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में, स्टेजिंग सर्वर एक समर्पित वातावरण को संदर्भित करता है जो किसी उत्पादन प्रणाली के ‘कॉन्फिगरेशन’ और सेटिंग की प्रतिकृति बनाता है।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के वास्ते आधार संख्या आवश्यक है, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आधार वॉल्ट के कई लाभ हैं क्योंकि यह संवेदनशील पहचान डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, उच्च-स्तरीय डेटा सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे व्यक्तिगत आधार के विवरण का दुरुपयोग रोका जा सकता है।
इसके अलावा, यह ई-गवर्नेंस सेवाओं के साथ आधार विवरणों के सुरक्षित एकीकरण का समर्थन करता है। इस साल मई में सरकार ने ‘सेंटर फॉर एडवांस्ड कंप्यूटिंग’ के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत ई-डिस्ट्रिक्ट और प्रस्तावित यूनिफाइड डेटा हब (यूडीएच) डेटा को आधार वॉल्ट में संग्रहीत किया जाएगा।
दिल्ली सरकार के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल का उपयोग विभिन्न योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने और जाति और आय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
हाल ही में एक बैठक में दिल्ली के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री पंकज सिंह ने परियोजना के काम की समीक्षा की और अधिकारियों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
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