नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ने शहर का पहला हरित अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मंगलवार को कहा कि उनका विभाग वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने के लिए हर जिले में ऐसी सुविधा स्थापित करने की योजना बना रहा है।
यह संयंत्र पीडब्ल्यूडी की सड़कों के किनारे उत्पन्न होने वाले बागवानी कचरे को संसाधित कर उसे खाद (कम्पोस्ट) में परिवर्तित करेगा, जिसका उपयोग सौंदर्यीकरण और पौधारोपण कार्यों में दोबारा किया जाएगा।
मंत्री ने कहा, “पहले जब आंधी या छंटाई के कारण पेड़ों की शाखाएं, झाड़ियां या वृक्ष गिर जाते थे, तो यह कचरा कई दिनों तक सड़कों के किनारे या खुले स्थानों पर पड़ा रहता था। इससे सड़ांध फैलती थी और आसपास के लोगों को परेशानी होती थी।”
वर्मा ने दिल्ली सचिवालय के निकट संयंत्र का उद्घाटन करते हुए कहा, “पहली बार हमारी सरकार ने इस प्रकार का बुनियादी ढांचा तैयार किया है। अब कचरे को फेंकने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से संसाधित कर खाद में बदला जाएगा, जिसका पुन: उपयोग किया जाएगा। दीर्घकालिक योजना के तहत हर जिले में कम से कम एक ऐसी सुविधा स्थापित की जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर प्रभावी कचरा प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।”
मंत्री ने बताया कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और स्कूलों की ओर से हरित अपशिष्ट के उचित निपटान की मांग की जा रही थी, क्योंकि कई स्थानों पर यह कचरा बिना देखरेख के सड़ता रहता था। उन्होंने कहा कि अब इसके लिए स्थायी समाधान निकाला गया है।
इस पहल के तहत अब तक छह हरित अपशिष्ट संयंत्र बनाए जा चुके हैं, जबकि अगले चरण में छह और संयंत्र बनाए जाएंगे।
इन संयंत्रों में तैयार खाद का उपयोग बागवानी विभाग द्वारा डिवाइडर, सड़क किनारे पौधारोपण और पीडब्ल्यूडी द्वारा संचालित उद्यानों के रखरखाव में किया जाएगा।
भाषा दिलीप माधव
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