नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को सदस्यों को आश्वासन दिया कि सदन में ‘विशेष उल्लेख’ के माध्यम से उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों का संबंधित अधिकारियों द्वारा उचित समाधान और निराकरण किया जाएगा।
बजट सत्र के दौरान, सत्तारूढ़ भाजपा के कई विधायकों ने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि विशेष उल्लेखों के माध्यम से उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों का या तो कोई जवाब नहीं दिया गया या केवल आंशिक समाधान किया गया या अक्सर कोई समाधान नहीं दिया गया।
जंगपुरा के विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने दीर्घा में अधिकारियों की अनुपस्थिति की ओर इशारा करते हुए अफसोस जताया कि यह सदन में उठाए गए मुद्दों के प्रति गंभीरता की कमी को दर्शाता है।
आदर्श नगर से विधायक राज कुमार भाटिया ने इस बात पर प्रकाश डाला कि विभिन्न विभागों से प्राप्त जवाब अक्सर विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान प्रदान करने में विफल रहते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष गुप्ता ने जवाब दिया कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने प्राप्त उत्तरों से असंतुष्ट सदस्यों को प्रोत्साहित किया कि वे उन्हें सूचित करें।
उन्होंने कहा, ‘प्रक्रिया यह है कि ऐसे जवाब प्रश्न एवं संदर्भ समिति को भेजे जाते हैं, जो मुद्दे के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों और विधायक को तलब करती है।’
तिमारपुर से विधायक सूर्य प्रकाश खत्री ने दावा किया कि अक्सर मामूली तकनीकी कारणों का हवाला देकर उत्तर नहीं दिये जाते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि समाधान में तेजी लाने के लिए, विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों के मुद्दों को प्रश्न के रूप में तैयार करने के बजाय सीधे प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि विधानसभा विधायकों की आपत्तियों के संबंध में अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी, उसके बाद ही मामलों को प्रश्न एवं संदर्भ समिति को सौंपा जाएगा।
समिति के अध्यक्ष और विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि पैनल यह सुनिश्चित करेगा कि अधिकारी नियम 280 के तहत विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों के संबंध में पूरी जानकारी प्रदान करने और उनका समाधान करने के लिए बाध्य हों।
भाषा तान्या दिलीप
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