scorecardresearch
Wednesday, 25 February, 2026
होमदेशदिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन पैठ वाले तीन शीर्ष क्षेत्रों में शामिल : अध्ययन

दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन पैठ वाले तीन शीर्ष क्षेत्रों में शामिल : अध्ययन

Text Size:

नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के मामले में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में तीसरे स्थान पर है। राष्ट्रीय राजधानी में वित्तीय वर्ष 2024-25 में ईवी की पैठ 11.6 प्रतिशत तक पहुंच गई है। एक अध्ययन में यह खुलासा हुआ है।

ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) द्वारा किए गए एक अध्ययन के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में 12.1 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पैठ के साथ चंडीगढ़ सूची में सबसे ऊपर रहा और गोवा ने 11.9 प्रतिशत के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है।

अध्ययन के मुताबिक, इस अवधि में राष्ट्रीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ 7.49 प्रतिशत थी, लेकिन राज्यों में इसे अपनाने की दर में व्यापक भिन्नता थी। यह इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने को बढ़ावा देने में स्थानीय प्रोत्साहनों और स्पष्ट नीतिगत लक्ष्यों की भूमिका को उजागर करती है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ का अभिप्राय कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी से है।

अध्ययन में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में उक्त वित्त वर्ष में 83,423 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदे गए। इसी के साथ दिल्ली ईवी को अपनाने के स्तर और कुल संख्या दोनों के मामले में अग्रणी क्षेत्रों में शुमार हो गया है।

इसमें कहा गया है कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का चलन दोपहिया, तिपहिया और सार्वजनिक परिवहन सहित कई श्रेणियों में बढ़ा है, जबकि कई राज्यों में ईवी वाहनों का प्रसार मुख्य रूप से तिपहिया वाहनों तक ही सीमित है।

अध्ययन के मुताबिक, इलेक्ट्रिक बसों की दिल्ली में इस बदलाव की अहम भूमिका रही। राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 40 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक हैं, जो देश में सबसे अधिक हिस्सेदारी में से एक है।

इस अध्ययन में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के वाहन पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग किया गया, जो सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वाहनों की बिक्री पर नजर रखता है।

अध्ययन में सीईईडब्ल्यू द्वारा प्राप्त आंकड़ों और आकलन का भी उपयोग किया गया।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments