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Monday, 19 January, 2026
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दिल्ली ने एनसीएपी के तहत 2022 से 2025 के दौरान पीएम10 में 16 प्रतिशत की कमी की

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नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) दिल्ली ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत वित्त वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच अति सूक्ष्म कण पीएम10 के स्तर में 16 प्रतिशत की कमी दर्ज की। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के समक्ष दायर अनुपालन हलफनामे में यह जानकारी दी गई है।

हलफनामे में खुलासा हुआ है कि कमी 22 प्रतिशत के लक्ष्य से कम रही।

इसमें कहा गया है कि यह आंकड़ा 2017-18 के आधार वर्ष के संदर्भ में आंका गया था, जिसके अनुसार दिल्ली में पीएम10 की वार्षिक औसत सांद्रता 2017-18 में 241 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से घटकर वित्त वर्ष 2024-25 में 203 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर हो गई।

हलफनामे में कहा गया है कि कार्यक्रम के तहत प्रदूषण में कमी को शहर-विशिष्ट आधारभूत स्तरों के आधार पर मापा जाता है और शहरों की कोई राष्ट्रीय रैंकिंग निर्धारित नहीं की गई है।

दिल्ली उन 130 शहरों में से एक है जो राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत आते हैं। यह एक दीर्घकालिक रणनीति है जिसका उद्देश्य वाहनों, सड़क की धूल, निर्माण कार्य, कचरा जलाने और औद्योगिक स्रोतों से होने वाले प्रदूषण को कम करके वायु गुणवत्ता में सुधार करना है।

एनसीएपी के तहत शहरों को या तो पीएम10 के स्तर में 40 प्रतिशत तक की कमी हासिल करनी होगी या 2025-26 तक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक को पूरा करना होगा।

अपने आकलन में, केंद्र ने एनजीटी को सूचित किया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 103 शहरों में वायु गुणवत्ता में 2017-18 के आधार स्तर की तुलना में सुधार हुआ, जबकि 27 शहरों में कोई कमी दर्ज नहीं की गई।

इसमें कहा गया है कि अब तक 22 शहरों ने राष्ट्रीय पीएम10 मानक को पूरा कर लिया है, और 25 शहरों ने 40 प्रतिशत से अधिक की कमी हासिल की है।

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास शहर-विशिष्ट स्वच्छ वायु कार्य योजना के माध्यम से लागू किए जा रहे हैं, जिसका लक्ष्य वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन, सड़क की धूल, निर्माण कार्य, कचरा जलाने और औद्योगिक प्रदूषण को कम करना है।

केंद्र ने एनजीटी को यह भी बताया कि कार्यक्रम के तहत प्रदूषण नियंत्रण उपायों की दिशा में अब तक 13,784.68 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और एनसीएपी को 31 मार्च, 2026 के बाद भी जारी रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

भाषा आशीष माधव

माधव

आशीष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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