मुंबई, सात फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुंबई में अपना पहला महापौर बनाने जा रही है, जिससे इस शहर के नगर निकाय में ठाकरे परिवार का 25 साल का दबदबा खत्म हो जाएगा। भाजपा पार्षद रितु तावड़े ने शनिवार को इस पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। तावड़े का निर्विरोध महापौर चुना जाना तय है, क्योंकि किसी अन्य ने इस पद के लिए नामांकन दाखिल नहीं किया।
महायुति में भाजपा के सहयोगी दल शिवसेना ने संजय घाडी को उपमहापौर पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
तावड़े और घाडी ने मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, भाजपा की मुंबई इकाई के प्रमुख अमित साटम, पूर्व शिवसेना सांसद राहुल शेवाले और महायुति के अन्य नेताओं की मौजूदगी में महानगरपालिका के सचिव के कार्यालय में अपना नामांकन दाखिल किया।
बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नामांकन दाखिल करने की शाम छह बजे की समय सीमा से पहले, उन्हें महापौर पद के लिए भाजपा की तावड़े और उप महापौर पद के लिए घाडी का ही नामांकन प्राप्त हुआ है।
विपक्षी दलों ने नामांकन दाखिल नहीं किया है, फिर भी महापौर चुनाव प्रक्रिया 11 फरवरी को तय प्रक्रिया के अनुसार पूरी होगी।
शिवसेना सचिव संजय मोरे ने एक बयान में कहा है कि वार्ड 5 के पार्षद घाडी 15 महीने तक महापौर के पद पर पर काम करेंगे।
वह शिवसेना (उबाठा) के उन वरिष्ठ पूर्व पार्षदों में से एक थे, जो पाला बदलकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे।
मुंबई में उपमहापौर का कार्यकाल बांटकर शिवसेना अपने चार और पार्षदों को इस पद पर मौका देना चाहती है।
भाजपा महापौर उम्मीदवार तावड़े 2012 में पार्टी में शामिल हुई थीं और उसी साल पार्षद चुनी गयी थीं।
पार्षद के तौर पर अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिक्षा समिति की अध्यक्षता की और स्थानीय बुनियादी ढांचे, पानी की आपूर्ति और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाने में सक्रिय रूप से शामिल रहीं।
घाटकोपर पूर्व (वार्ड 132) की दो बार की पार्षद अपने पिछले कार्यकाल के दौरान दुकानों में पुतलों पर आपत्तिजनक कपड़ों का मुद्दा उठाने के लिए सुर्खियों में आई थीं।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए साटम ने कहा कि मुंबई को 44 साल बाद भाजपा का महापौर मिलने वाला है।
उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ महायुति बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को भ्रष्टाचार के चंगुल से आज़ाद कराने का काम करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘नामांकन पत्र दाखिल करने की आज़ादी सभी को है। हमारे पास 118 पार्षदों का समर्थन है और ज्यादा सदस्यों का भी समर्थन है।’’
भाजपा नेता ने कहा कि महायुति ने पहले दिन से ही कहा था कि मुंबई का महापौर मराठी और हिंदू होगा और बताया कि अब शहर को ‘‘एक मराठी, मालवणी, कोंकणी और हिंदू महापौर’’ मिलेगा।
साटम ने कहा कि शिवसेना ने ज़्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं को मौका देने के लिए उपमहापौर का कार्यकाल 15 महीने का रखा होगा।
गौरतलब है कि 227 सदस्यीय बीएमसी के चुनाव में भाजपा 89 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना ने 29 सीट जीतीं। सत्तारूढ़ गठबंधन के पास कुल 118 पार्षद हैं और उसने बहुमत के 114 के आंकड़े को पार कर लिया है तथा महापौर पद हासिल करने की अच्छी स्थिति में है।
बीएमसी में 1997 से 25 वर्षों तक राज करने वाली शिवसेना (उबाठा) ने 65 सीट जीतीं, जबकि उसके सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने क्रमशः छह और एक सीट जीती।
अन्य दलों में कांग्रेस ने 24 सीट जीतीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने आठ, राकांपा (अजित पवार गुट) ने तीन और समाजवादी पार्टी ने दो सीट जीतीं। नौ साल के अंतराल के बाद हुए इस बड़े चुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवार भी जीते।
पिछला कार्यकाल खत्म होने के बाद बीएमसी आयुक्त सात मार्च 2022 से राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक के तौर पर काम कर रहे हैं।
देश के सबसे अमीर नगर निकाय बीएमसी का 2025-26 का बजट 74,450 करोड़ रुपये तय किया गया था, जो कुछ छोटे राज्यों के बजट से भी ज्यादा है।
भाषा शफीक दिलीप
दिलीप
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