Monday, 6 December, 2021
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तेजपाल मामला में हाई कोर्ट ने वकील के ‘अस्वस्थ’ होने के कारण सुनवाई 24 नवंबर तक स्थगित की

तरुण तेजपाल पर 2013 में एक कार्यक्रम के दौरान गोवा में एक होटल की लिफ्ट में अपनी तत्कालीन सहयोगी का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है.

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पणजी: बंबई हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने मंगलवार को यह सूचित किए जाने के बाद पत्रकार तरुण तेजपाल के खिलाफ बलात्कार के एक मामले से जुड़े केस में सुनवाई 24 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी कि उनका प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ‘अस्वस्थ’ हैं.

तेजपाल की टीम के वकील अंकुर चावला ने अदालत को बताया कि पत्रकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील अमित देसाई ‘बहुत अस्वस्थ’ हैं. इसके बाद जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस एम एस जावलकर की बेंच ने सुनवाई स्थगित कर दी.

जस्टिस डेरे ने ऐन वक्त पर देसाई के स्वास्थ्य के बारे में सूचना दिए जाने पर नाखुशी जाहिर की और कहा कि भविष्य में इस तरह की गलती दोहराई नहीं जानी चाहिए.

जस्टिस ने कहा, ‘आपको अदालत को पहले सूचित करना चाहिए था. इस मामले की सुनवाई के लिए कुछ सजो-सामान संबंधी व्यवस्था की जाती है.’


यह भी पढ़ें:तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को गोवा कोर्ट ने 2013 के बलात्कार के आरोप से बरी किया


जस्टिस डेरे ने इसे ‘अस्वीकार्य’ करार दिया.

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हाई कोर्ट ‘हाइब्रिड’ तरीके से सुनवाई कर रहा है क्योंकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अधिवक्ता देसाई मामले के लिए वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होते हैं.

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वह स्थगन पर आपत्ति नहीं कर सकते क्योंकि अधिवक्ता देसाई ने ‘व्यक्तिगत कठिनाई’  जाहिर की है.

अधिवक्ता चावला ने बेंच से माफी मांगी और आश्वासन दिया कि भविष्य में इस तरह की गलती नहीं होगी.

गोवा के महाधिवक्ता देवीदास पंगम ने कहा कि प्रतिवादी (तेजपाल) की तरफ से जानबूझकर मामले में देरी की जा रही है.

बता दें कि इस साल 21 मई को, एक सत्र अदालत ने तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तेजपाल को उस मामले में बरी कर दिया था जिसमें उन पर नवंबर 2013 में एक कार्यक्रम के दौरान गोवा में एक पांच सितारा होटल की लिफ्ट में अपनी तत्कालीन सहयोगी का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था.

बाद में, गोवा सरकार ने इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। तेजपाल ने गोवा सरकार की अपील की विचारणीयता को चुनौती दी है.


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