पथनमथिट्टा/ पलक्कड (केरल), 23 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता टी. एम. थॉमस इसाक ने पलक्कड़ से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार रमेश पिशारोडी को ‘‘जोकर’’ कहने के लिए सोमवार को उनसे माफी मांगी।
पूर्व वित्त मंत्री ने पलक्कड निर्वाचन क्षेत्र में माकपा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच समझौता होने के संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए रविवार को कहा था कि ऐसे दावे इसलिए किए जा रहे हैं क्योंकि कांग्रेस ने व्यापक रूप से स्वीकार्य उम्मीदवार के बजाय एक ‘जोकर’ को चुनावी मैदान में उतारा है।
इससे पहले सोमवार को इस टिप्पणी का जवाब देते हुए पिशारोडी ने कहा कि वह इसाक जैसे वरिष्ठ नेता को उसी लहजे में जवाब नहीं देंगे क्योंकि उनमें ‘संस्कार’ हैं।
पिशारोडी ने कहा, “देश पर शासन करने वाली कांग्रेस ने अपनी बात रखने और विचार व्यक्त करने की आजादी दी। हमें दूसरों पर टिप्पणी करने का हक है। उन्हें उस स्वतंत्रता का उपयोग करते हुए अपनी टिप्पणी करने दें।’’
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें भी बोलने की उतनी ही स्वतंत्रता है, तो पिशारोडी ने कहा कि उनमें संस्कृति और संस्कार भी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘संस्कार ऐसी चीज नहीं है जो विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।’’
उन्होंने ‘केरल पीपुल्स आर्ट्स क्लब’ (केपीएसी) से जुड़े कलाकारों के राज्य में कम्युनिस्ट आंदोलन को लोकप्रिय बनाने में दिए गए योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा, “ये नेता कब से कला और कलाकारों का विरोध करने लगे? मुझे समझ नहीं आता कि जो लोग उनका साथ नहीं देते, उन्हें शत्रुता की नजर से क्यों देखा जाता है।”
उन्होंने कहा कि वह इसाक को एक वरिष्ठ नेता के रूप में सम्मान देते हैं।
पलक्कड निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार और अभिनेता अखिल मरार की इस टिप्पणी पर कि उन्होंने समाज के लिए कुछ नहीं किया है, पिशारोडी ने कहा कि उन्होंने यह टिप्पणी नहीं देखी है और उन्हें उम्मीद है कि बाद में उनकी राय बदल जाएगी।
इसी बीच, इसाक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें अपने बयान पर खेद है और उन्होंने कहा कि इस टिप्पणी से कांग्रेस उम्मीदवार को ठेस पहुंची है।
इसाक ने कहा, “मेरा इरादा उनकी अभिनय प्रतिभा के खिलाफ कुछ भी कहने का नहीं था। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी राजनीतिक संदर्भ में थी।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया और फलस्तीन में चल रहा संघर्ष एक प्रमुख चिंता का विषय है जिस पर माकपा और कांग्रेस दोनों ने अपना रुख स्पष्ट किया है।
इसाक ने कहा, “मैंने ऐसे प्रासंगिक मामलों की परवाह न करने के रवैये की आलोचना की। ऐसे रुख से क्या उन्हें पलक्कड़ में धर्मनिरपेक्ष मतदाता मिलेंगे?”
भाषा यासिर नरेश
नरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
