scorecardresearch
Thursday, 2 April, 2026
होमदेशवायनाड के टाउनशिप कार्यक्रम में विधायक के साथ बदसलूकी के पीछे माकपा का हाथ : कांग्रेस

वायनाड के टाउनशिप कार्यक्रम में विधायक के साथ बदसलूकी के पीछे माकपा का हाथ : कांग्रेस

Text Size:

कोल्लम, दो मार्च (भाषा) केरल में विपक्षी दल कांग्रेस ने वायनाड में भूस्खलन पीड़ितों के लिए सरकार की टाउनशिप परियोजना के उद्घाटन के दौरान अपने विधायक के साथ कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से की गई बदसलूकी की सोमवार को कड़ी निंदा की और इस घटना के पीछे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की साजिश होने का आरोप लगाया।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यक्रम में ‘किराए पर बाहर से बुलाये गये लोगों’ ने विधायक के साथ बदसलूकी और हंगामा किया।

विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने यहां प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और अन्य मंत्री चुप रहे, जो ‘शिष्टाचार का गंभीर उल्लंघन’ है।

विपक्ष ने यह आलोचना कलपेट्टा के कांग्रेस विधायक टी सिद्दिकी के भाषण के दौरान कुछ लोगों द्वारा हंगामा और ‘हूटिंग’ किए जाने के एक दिन बाद की है। स्वागत भाषण के दौरान जब सिद्दिकी का नाम लिया गया तब भी ‘हूटिंग’ हुई थी।

बाद में इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दिकी ने आरोप लगाया कि भूस्खलन पीड़ितों ने नहीं बल्कि माकपा कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि भूस्खलन पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सभी ने सरकार के साथ मिलकर काम किया है और वह भविष्य में भी उनके लिए काम करते रहेंगे।

कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान, राजस्व मंत्री के. राजन ने भी सिद्दिकी और कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि वामपंथी सरकार ऐसी सरकार नहीं है जो केवल एक पत्थर रखकर चली जाए, बल्कि वह पत्थर पर पत्थर रखकर आगे भी निर्माण करती है।

सतीशन ने कहा, “ये घर माकपा ने नहीं बल्कि सरकार ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में लोगों द्वारा दिये गये योगदान के पैसे से बनवाए।’’

उन्होंने कहा कि इस परियोजना में जनता और कांग्रेस नीत विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के प्रतिनिधियों के योगदान का भी उपयोग किया गया था, इसलिए पुनर्वास परियोजना का राजनीतिकरण अनुचित है।

उन्होंने राजस्व मंत्री राजन के इस कथित बयान पर भी सवाल उठाया कि वामपंथी सरकार ऐसी सरकार नहीं है जो ‘शिलान्यास करने के बाद चली जाती है’, बल्कि वह निर्माण कार्य पूरा करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बयान किस आधार पर दिया गया? मंत्रियों को सरकारी समारोह की मर्यादा समझनी चाहिए।’’

भाषा

राजकुमार अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments