scorecardresearch
Thursday, 8 January, 2026
होमदेशअदालत ने भाजपा विधायक के खिलाफ आप नेता सत्येंद्र जैन की मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लिया

अदालत ने भाजपा विधायक के खिलाफ आप नेता सत्येंद्र जैन की मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लिया

Text Size:

नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को भाजपा विधायक करनैल सिंह के खिलाफ दायर की गई आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन की उस आपराधिक शिकायत का संज्ञान लिया, जिसमें मानहानि का आरोप लगाया गया है।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने कहा कि मामले में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार हैं और सिंह को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

जैन ने सिंह पर पिछले साल 19 जनवरी को एक टेलीविजन साक्षात्कार के दौरान उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।

शिकायत के अनुसार, सिंह ने एक टीवी साक्षात्कार में मानहानिकारक बयान दिया था। आरोप है कि सिंह ने दावा किया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जैन के घर से 37 किलोग्राम सोना बरामद किया और आप नेता के नाम पर 1,100 एकड़ जमीन है, जिसे उन्होंने भ्रष्टाचार और धन शोधन से अर्जित धन से खरीदा है।

अपने 19 पृष्ठ के आदेश में, अदालत ने कहा कि आपराधिक मानहानि के लिए तीन तत्व आवश्यक हैं – आरोप लगाना, प्रकाशन और नुकसान पहुंचाने की मंशा।

अदालत ने कहा, ‘‘जब प्रस्तावित आरोपी (सिंह) यह स्वीकार करता है कि उसने एक मीडियाकर्मी को साक्षात्कार दिया, जिसे अन्य लोगों ने सुना और यहां तक ​​कि एक राष्ट्रीय समाचार चैनल पर जनता के देखने के लिए प्रकाशित किया गया, तब यह स्पष्ट है कि बयान दिए गए और उनका प्रकाशन हुआ। नुकसान पहुंचाने की मंशा मुकदमे का विषय है।’’

अदालत ने कहा कि संज्ञान लेने और आरोपी को नोटिस जारी करने के चरण में, वह मंशा (मानसिक तत्व) पर निर्णय नहीं ले सकती क्योंकि यह मुकदमे का विषय है। अदालत ने कहा, ‘‘अदालत अपराध का संज्ञान लेती है।’’

अदालत ने सिंह के इस बचाव को खारिज कर दिया कि उसने मीडिया को प्रकाशन से पहले प्रत्येक बयान की पुष्टि करने के प्रति सतर्क किया था।

अदालत ने कहा, ‘‘कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के चरित्र या आचरण के विरुद्ध बयान देकर उसकी पुष्टि का जिम्मा मीडिया पर नहीं डाल सकता। यदि ऐसा बचाव किया जा सकता है, तो मानहानि का मामला केवल दंड संहिता तक ही सिमट कर रह जाएगा…। सार्वजनिक हस्तियों के मामले में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।’’

अदालत ने सिंह के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के बचाव को भी खारिज कर दिया और कहा कि उनकी टिप्पणियां या तो ‘मनगढ़ंत’ थीं या ‘जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई’ थीं, क्योंकि वे उसी निर्वाचन क्षेत्र से जैन के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे।

यह देखते हुए कि अपराध जमानती है, न्यायाधीश ने सिंह को 25,000 रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि के जमानतदार को पेश करने पर जमानत दे दी।

अदालत ने बहस के लिए अगली तारीख 19 जनवरी तय की है।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments