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Thursday, 2 April, 2026
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न्यायालय का मुंबई हवाई अड्डे के पास नमाज़ पढ़ने की इजाजत मांग कर रहे लोगों को राहत देने से इनकार

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मुंबई, पांच मार्च (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने रमजान के दौरान शहर के हवाई अड्डे के पास एक अस्थायी शेड में नमाज पढ़ने की इजाजत मांग रहे टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों को राहत देने से इनकार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि सुरक्षा धर्म से ऊपर है।

न्यायमूर्ति बी. पी. कोलाबावाला और न्यायमूर्ति फिरदौस पूनीवाला की पीठ ने कहा कि रमजान इस्लाम का जरूरी हिस्सा है, लेकिन इसे मानने वाले किसी भी जगह, खासकर हवाई अड्डे के आस-पास, जहां सुरक्षा को लेकर उच्च स्तर की चिंता है, नमाज पढ़ने का धार्मिक अधिकार होने का दावा नहीं कर सकते।

अदालत टैक्सी-रिक्शा ओला-उबर मेन्स यूनियन की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दावा किया गया था कि छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आस-पास एक अस्थायी शेड पिछले साल अधिकारियों ने गिरा दिया था जहां वे नमाज पढ़ते थे।

याचिका में अनुरोध किया गया था कि उन्हें उसी जगह का इस्तेमाल करने दिया जाए या उसी इलाके में कोई दूसरी जगह दी जाए जहां वे नमाज पढ़ सकें।

इस मामले में अदालत ने पिछले हफ्ते पुलिस और हवाई अड्डा प्राधिकरण को यह देखने का निर्देश दिया था कि क्या कोई और जगह दी जा सकती है।

भाषा वैभव पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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