नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक व्यक्ति को हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) से जुड़े एक “बड़े घोटाले” का “भंडाफोड़ करने वाला” (व्हिसल ब्लोअर) घोषित करने से इनकार कर दिया।
अदालत ने कहा कि वह हद से हद जिम्मेदार नागरिक के तौर पर अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिये उसकी सराहना कर सकती है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने कहा कि क्या याचिकाकर्ता ने “घोटाले का पता लगाने” में भूमिका निभाई है, इसका फैसला रिट याचिका में नहीं किया जा सकता है क्योंकि इसके लिए बड़ी संख्या में तथ्यों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि भले ही वह किसी भी मुद्दे को अधिकारियों के संज्ञान में लाए हों, उन्हें इनाम का दावा करने के लिए कानून के आधार की आवश्यकता होगी।
अदालत ने अपने हालिया आदेश में कहा, “वर्तमान रिट याचिका में याचिकाकर्ता को हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) से संबंधित एक विशेष घोटाले का ‘व्हिसल-ब्लोअर’ घोषित करने का आवेदन किया गया है।”
अदालत ने कहा, “यदि याचिकाकर्ता एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में कोई मुद्दा लाया, तो याचिकाकर्ता के पास इसके संबंध में इनाम का दावा करने के लिए कानून का आधार होना चाहिए।”
उसने कहा, “याचिकाकर्ता ने यदि उक्त घोटाले का पता लगाने में और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्य का निर्वहन करने में भूमिका निभाई है तो यह अदालत उसकी सराहना कर सकती है।”
अदालत ने कहा, “उक्त अवलोकन से परे इस अदालत द्वारा और कोई राहत नहीं दी जा सकती है।”
भाषा प्रशांत पवनेश
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