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Friday, 6 February, 2026
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वर्ष 2019 के अवमानना मामले में दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली याचिका न्यायालय ने खारिज की

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नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने अपनी एक समवर्ती पीठ के मार्च 2019 के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिसमें एक वकील को अवमानना ​​का दोषी ठहराया गया था। न्यायालय ने कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

समवर्ती या समन्वय पीठ का अर्थ समान न्यायाधीशों वाली वैसी दो या इससे अधिक पीठों से है जिनके पास एक ही मामले में समान अधिकार हों।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची की पीठ ने अधिवक्ता मैथ्यूज जे. नेदुम्परा से पूछा, ‘‘कानून के किस प्रावधान के तहत हम समन्वय पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर विचार कर सकते हैं?’’

नेदुम्परा ने ही याचिका दायर की थी और बहस के लिए खुद ही उपस्थित हुए थे।

पीठ ने पूछा कि कानून के किस प्रावधान के तहत यह रिट याचिका सुनवाई योग्य है।

नेदुम्परा ने कहा कि अदालत का कर्तव्य है कि वह गलती को सुधारे।

पीठ ने कहा, ‘‘हमें इसे केवल सुनवाई योग्य न होने के आधार पर ही खारिज करना होगा।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘एक बार सुनवाई योग्य न होने पर, हमारे लिए मामले के गुण-दोषों पर विचार करना असंभव हो जाता है।’’

वकील ने कहा, ‘‘मैंने पुनर्विचार याचिका दायर की थी, लेकिन इस अदालत से रिकॉर्ड गायब है।’’

इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘रिकॉर्ड गायब होने के बारे में निराधार आरोप न लगाएं। क्या आपने प्रधान न्यायाधीश से रिकॉर्ड गायब होने की कोई शिकायत की थी?’’

पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि रिट याचिका किस आधार पर सुनवाई योग्य है।

शीर्ष अदालत ने मार्च 2019 में, नेदुम्परा को अदालत की अवमानना ​​के लिए तीन महीने कैद की सजा सुनाई, लेकिन उनके बिना शर्त माफीनामे को ध्यान में रखते हुए सजा निलंबित कर दी थी।

उच्चतम न्यायालय ने नेदुम्परा को एक साल के लिए अपने समक्ष वकालत करने से रोक दिया था और कहा था कि जेल की सजा तभी निलंबित की जाएगी जब नेदुम्परा यह वचन देंगे कि वह कभी भी सर्वोच्च न्यायालय और बम्बई उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को धौंस दिखाने का प्रयास नहीं करेंगे।

शीर्ष अदालत ने 12 मार्च 2019 को नेदुम्परा को अवमानना ​​का दोषी ठहराया था।

शीर्ष अदालत ने वकील को अदालत की अवमानना ​​के लिए उन पर लगाए जाने वाले दंड के संबंध में नोटिस जारी किया था।

भाषा

सुरेश नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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