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Monday, 2 February, 2026
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अदालत ने विदेशी छात्र को दुष्कर्म के आरोपों से बरी किया

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देहरादून, एक फरवरी (भाषा) देहरादून की एक अदालत ने एक निजी विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ायी कर रही एक विदेशी छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी सूडान के एक छात्र को बरी करते हुए उसे जेल से रिहा करने के आदेश दिए।

देहरादून की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला ने शुक्रवार को सुनाये अपने निर्णय में दक्षिण सूडान के रहने वाले मूसा उर्फ मोजा मोजेज लाडू जेम्स को दोषमुक्त कर दिया और देहरादून के जिला कारागार अक्षीक्षक को उसे अविलंब रिहा करने के आदेश दिए।

दक्षिण अफ्रीका की 22 वर्षीय एक छात्रा ने आरोप लगाया था कि 29 अक्टूबर 2024 को उसके एक मित्र के यहां एक फेयरवेल पार्टी थी जहां मूसा ने उससे नशे में बेसुध हालत में सोते समय दुष्कर्म किया। घटना के बाद छात्रा दिल्ली चली गयी जहां उसने कश्मीरी गेट पुलिस थाने में जीरो एफआईआर दर्ज करायी।

प्राथमिकी को देहरादून के क्लेमेंटाउन पुलिस थाने स्थानांतरित किया गया जहां आरोपी मूसा के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद 20 नवंबर को उसे गिरफ्तार किया गया।

अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता के अलावा कुल आठ गवाह पेश किए गए जिनमें से चार पीड़िता के कॉलेज के छात्र थे जबकि बचाव पक्ष की ओर से कोई गवाह पेश नहीं किया गया और ना ही कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किया गया।

अदालत ने कहा कि पीड़िता तथा उसके सभी मित्रों ने पार्टी में ड्रिंक की थी तथा शिकायतकर्ता द्वारा अपने बयानों में स्वयं स्वीकार किया गया है कि वह नशे की हालत में थी तथा उसे यह नहीं पता कि उसे किसके द्वारा ‘स्पर्श’ किया गया। अदालत ने कहा कि अन्य गवाहों द्वारा छात्रा व मूसा के अलग-अलग कमरे में सोने की बात कही गयी तथा किसी ने भी अपने बयानों में यह नहीं कहा कि आरोपी द्वारा छात्रा के साथ बलात्कार का प्रयास किया गया।

अदालत ने कहा कि छात्रा के साथ कमरे में सो रहे एक मित्र ने गवाही दी कि छात्रा एक सपना देखकर सोते समय अचानक उठकर चिल्लाई थी। अदालत ने कहा कि चिकित्सीय रिपोर्ट से भी छात्रा के बयानों को समर्थन नहीं मिला।

हालांकि, अदालत ने कहा कि विवेचना के दौरान विवेचक ने कोई बेडशीट या अन्य सामग्री कब्जे में नहीं ली जबकि उसके बयानों से भी आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।

अदालत ने कहा, ‘‘वादी द्वारा आरोपी पर लगाए गए आरोपों को अभियोजन युक्तियुक्त सन्देह से परे साबित करने में असफल रहा है। अतः मूसा संबंधित धाराओं के तहत दोषमुक्त किये जाने योग्य हैं।’’

भाषा दीप्ति अमित

अमित

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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